Bastar News Update : जगदलपुर। बस्तर अब देश के पर्यटन नक्शे में तेजी से उभर रहा है, लेकिन यहां पहुंचना और घूमना आज भी आम पर्यटकों के लिए आसान नहीं है। कश्मीर की तरह प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर बस्तर में हर साल सैलानियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन परिवहन सुविधाओं की कमी पर्यटन विकास पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। प्रशासन ने 80 से अधिक पर्यटन स्थलों की पहचान तो कर ली, लेकिन किसी भी स्थल तक नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं है। जगदलपुर से चित्रकोट और तीरथगढ़ के लिए चलने वाली सिटी बस सेवा भी पिछले 6 वर्षों से बंद पड़ी है, जिससे पर्यटकों को महंगी टैक्सियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। आंकड़े बताते हैं कि 2020 में जहां 31 हजार से ज्यादा पर्यटक आए, वहीं 2024 तक यह संख्या लगभग 5 लाख तक पहुंच गई है। इसके बावजूद आम सैलानी महंगे किराए और सीमित साधनों के कारण यहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। कांगेर घाटी, कोटमसर गुफा, दंतेश्वरी मंदिर और बारसूर जैसे ऐतिहासिक स्थल आज भी बेहतर कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा शुरू होते ही बस्तर का पर्यटन देश के शीर्ष स्थलों में शामिल हो सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार को भी नई दिशा मिलेगी।

नशे के खिलाफ पुलिस की सख्ती, गांजा के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
जगदलपुर। बस्तर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें ओडिशा से गांजा लेकर आ रहे दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। बोधघाट थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गोरिया बाहर नाला के पास घेराबंदी कर आरोपियों को दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से 3.348 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 1.67 लाख रुपये बताई गई है। आरोपी मोटरसाइकिल से शहर में सप्लाई करने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनकी योजना नाकाम हो गई। कार्रवाई के दौरान इस्तेमाल की गई बाइक भी जब्त कर ली गई है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से नशा तस्करों में हड़कंप का माहौल है और पुलिस ने आम लोगों से भी सूचना देने की अपील की है।
मौसम बदला, गर्मी से राहत लेकिन चेतावनी भी
जगदलपुर। बस्तर में अचानक मौसम ने करवट ली है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। पश्चिमी विक्षोभ और द्रोणिका के असर से आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से जहां तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं अब इसमें करीब 2 डिग्री की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य पाकिस्तान से लेकर बंगाल की खाड़ी तक बने सिस्टम के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं और बादलों ने दोपहर की तपिश को कम कर दिया है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मौसम साफ होते ही तापमान फिर तेजी से बढ़ सकता है। किसानों और आम नागरिकों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल बस्तर में मौसम का यह बदला मिजाज लोगों के लिए राहत लेकर आया है।
खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन का सख्त एक्शन
जगदलपुर। बस्तर में उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई केंद्रों पर प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर के निर्देश पर उड़नदस्ता टीम ने जिलेभर में औचक निरीक्षण किया, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं। जांच के बाद 7 उर्वरक केंद्रों पर तत्काल बिक्री रोक दी गई, जबकि 3 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निरीक्षण में स्टॉक रिकॉर्ड और वास्तविक उपलब्धता में अंतर पाया गया, जिससे कालाबाजारी की आशंका जताई गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को सही कीमत पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण और एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से खाद व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी ताकि किसानों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो सके।
तालाब खत्म, जल संकट का खतरा बढ़ा
बस्तर। बस्तर के गांवों में तालाब तेजी से अतिक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, जिससे जल संकट की स्थिति गहराती जा रही है। कभी हर गांव में आधा दर्जन से अधिक तालाब हुआ करते थे, लेकिन अब उनकी संख्या तेजी से घट रही है। ग्रामीण तालाबों को पाटकर खेती कर रहे हैं, जिससे जल संचयन की प्राकृतिक व्यवस्था खत्म होती जा रही है। कई जगहों पर इसको लेकर विवाद भी शुरू हो गए हैं। सरकार जहां जल संरक्षण पर जोर दे रही है, वहीं जमीनी स्तर पर तालाबों को बचाने के प्रयास कमजोर नजर आ रहे हैं। बरसात का पानी बहकर निकल जाता है और गर्मियों में पानी की कमी महसूस होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तालाबों को संरक्षित नहीं किया गया तो आने वाले समय में गांवों में गंभीर जल संकट खड़ा हो सकता है। बचे हुए तालाबों के संरक्षण की मांग अब जोर पकड़ रही है।
ताड़मेटला की याद, शौर्य का सम्मान
सुकमा। 6 अप्रैल 2010 को हुए ताड़मेटला नक्सली हमले की 16वीं बरसी पर सुकमा में शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए थे, जिसे देश के सबसे बड़े नक्सली हमलों में गिना जाता है। गड़गड़मेटा कैंप में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीदों को नमन किया और उनके बलिदान को याद किया। खास बात यह रही कि जिस इलाके में कभी नक्सलियों का आतंक था, वहीं अब सुरक्षा बलों का स्मारक खड़ा है। अधिकारियों ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से बाहर निकलकर विकास की ओर बढ़ रहा है। डीजी ने बताया कि जल्द ही क्षेत्र से आईईडी और नक्सली नेटवर्क पूरी तरह खत्म किया जाएगा। शहीदों के नाम पर सड़क निर्माण की भी योजना है। यह कार्यक्रम न सिर्फ श्रद्धांजलि था, बल्कि बदलते बस्तर की तस्वीर भी पेश कर गया।
छात्र राजनीति की बहाली को लेकर उबाल
जगदलपुर। बस्तर में छात्र राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है, जहां छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए। एनएसयूआई के नेतृत्व में शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय का घेराव करते हुए छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं का आरोप है कि 2016 से छात्र संघ चुनावों पर लगी रोक लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है, जिससे विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता खत्म हो गई है। छात्रों का कहना है कि बिना प्रतिनिधित्व के संस्थानों में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और फैसले एकतरफा लिए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान सरकार पर आरएसएस के प्रभाव में विश्वविद्यालय संचालन का भी आरोप लगाया गया। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द चुनाव बहाल नहीं किए गए तो आंदोलन और उग्र होगा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जो अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर सामने आए। बस्तर में यह आंदोलन अब शिक्षा व्यवस्था और राजनीति के टकराव का प्रतीक बनता जा रहा है।
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती
जगदलपुर। बस्तर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस ने सख्त अभियान चलाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चेकिंग के दौरान मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाने, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 40 वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई करते हुए 18,400 रुपये जुर्माना वसूला गया। खासतौर पर 15 मालवाहक वाहनों को नियम उल्लंघन के लिए दंडित किया गया। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और दुर्घटनाओं से बचें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यातायात सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। अभियान के दौरान कई चालकों को चेतावनी देकर भी छोड़ा गया। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
लखापाल में पानी की नई कहानी
सुकमा। नक्सल प्रभावित लखापाल गांव में अब पानी की समस्या इतिहास बनती जा रही है। जल जीवन मिशन के तहत 72 लाख रुपये की लागत से गांव में सोलर पंप आधारित जल योजना शुरू की गई है, जिससे हर घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है। पहले जहां ग्रामीणों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता था, वहीं अब घर में ही शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। 117 परिवारों को इस योजना का सीधा लाभ मिला है, जिससे महिलाओं और बच्चों को राहत मिली है। ग्रामीणों ने इसे अपने जीवन में बड़ा बदलाव बताया है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की योजनाओं से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी। पानी की उपलब्धता से स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी सुधार होगा। लखापाल अब बदलाव की नई मिसाल बनकर उभर रहा है।
सोने की ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
दंतेवाड़ा। बस्तर पुलिस ने अंतरराज्यीय ठगी गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी लोगों को पुराने सामान के बदले नया सामान दिलाने का झांसा देकर सोना और नगदी ठगता था। पुलिस ने उसके कब्जे से सोना, मोबाइल और वाहन जब्त किया है। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को महाराष्ट्र से ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ अन्य राज्यों में भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और ऐसे झांसे में न आने की अपील की है। यह कार्रवाई साइबर और स्थानीय पुलिस के समन्वय का परिणाम है।
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