सत्यपाल सिंह राजपूत, रायपुर. तिल्दा के देवरी पंचायत में फर्जी एनोसी से अग्रसेन स्टील एंड पावर प्लांट स्थापित करने को लेकर विवाद शुरू हो गया है. देवरी और घुलघुल गांव के हजारों लोग भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच दिव्या राजा वर्मा ने फर्जी एनओसी दिया है. साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधि दलाली का काम कर रहे हैं.

हमे प्लांट नहीं चाहिए… तखतियां लेकर विरोध कर रहे ग्रामीण

हड़ताल में जुटे ग्रामीणों का आरोप है कि वह मामले में हस्तक्षेप की मांग को लेकर स्थानीय विधायक और मंत्री टंक राम वर्मा के पास पहुंचे थे, लेकिन यह कहते हुए टाल दिया गया कि न अब विरोध कर सकता हूं और न ही आंदोलन में शामिल हो सकता हूं. मेरे ऊपर भी लोग हैं, मैं कुछ नहीं कर सकता हूं.

फर्जी एनओसी की बात सामने आने के बाद ग्रामीण सरपंच, सचिव और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में असहमति का प्रस्ताव बनाया गया था. ग्राम पंचायत से पारित असहमति प्रस्ताव में छेड़छाड़ किया गया, उसमें से ‘अ’ हटाकर सहमति में बदलकर पेश कर दिया गया. कलेक्टर और एसडीएम के नाम से थाने में शिकायत दी गई, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है. अब उनका कहना है कि जब तक फर्जी एनओसी जारी करने वालों पर कार्रवाई और प्लांट हटाने का निर्देश नहीं होता, तब तक वह हटने नहीं वाले हैं. दिन और रात यहीं डटे रहेंगे.

जिला पंचायत सदस्य ने ग्रामीणों के आरोप को बताया गलत

लल्लूराम डॉट कॉम के टीम ने मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी वर्मा से सवाल किया कि ग्रामीणों का आरोप है कि 4-5 बार आपसे मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं,  आपको धरनास्थल बुला रहे हैं, लेकिन आप नहीं जा रहे हैं, आप बिक चुके हैं. इस पर जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि ग्रामीण मांग को लेकर आए थे, लेकिन व्यस्तता के कारण मैं वहां नहीं पहुंच सकी. इसका मतलब यह नहीं है कि मैं बिक गई हूं. इस संबंध में अधिकारियों से मौखिक तौर पर बातचीत कर अवगत कराया गया है. इस प्लांट का विरोध सभी स्थानीय कर रहे हैं. खरीने-बिकने की बातें सरासर गलत हैं.

सरपंच के नंबर पर पति ने उठाया कॉल, बोला- उनसे बात नहीं करा सकता हूं

जब मामले में सरपंच से संपर्क करने की कोशिश की गई तो सरपंच पति पुनेश्वर वर्मा ने कॉल उठाया. उन्होंने कहा मैं सरपंच नहीं हूं, मेरी पत्नी सरपंच हैं, आप उनसे बात कीजिए. एनओसी कैसे दिया गया है और किसके सम्मति से दिया गया है. मैं इस पर कुछ नहीं बोल सकता. इसके बाद सरपंच से बात कराने के लिए कहाने पर फिर स्पष्ट तौर से कहा कि ना नंबर दे सकता हूं और ना बात करा सकता हूं.