कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजधानी से एक ऐसी खबर आ रही है जो प्रदेश के शिक्षा जगत और सामाजिक ताने-बाने के लिए किसी ‘गेम चेंजर’ से कम नहीं है। मंत्री लखींद्र पासवान ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती को लेकर एक ऐसी योजना का खुलासा किया है, जिसने सबको चौंका दिया है। अब तक जो केवल पार्टी के स्तर पर होता था, वह अब सरकारी मंच से एक नए अवतार में दिखने वाला है।

​बापू सभागार में सजेगा ‘शिक्षा का महामंच’

​क्या बाबा साहेब के सपनों को साकार करने के लिए सरकार कोई गुप्त रणनीति तैयार कर चुकी है? मंत्री पासवान ने घोषणा की है कि 14 अप्रैल की जयंती से पहले, 13 अप्रैल को पटना के बापू सभागार (ज्ञान भवन) में एक ऐतिहासिक ‘शिक्षा समागम’ होगा। इसमें बिहार के दोनों डिप्टी सीएम और कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि सरकार दलित और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए किसी बड़ी सौगात की घोषणा कर सकती है। अंबेडकर छात्रावास के छात्रों के लिए यह दिन उनकी उम्मीदों को नई उड़ान देने वाला साबित होगा।

​चरवाहा विद्यालय के दौर का अंत: जब 123 बेटियों ने रच दिया इतिहास!

  • ​शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसा चमत्कार हुआ है जिसने पुरानी व्यवस्थाओं को आइना दिखा दिया है। गायघाट स्थित अनुसूचित जाति आवासीय कन्या विद्यालय ने वो कर दिखाया जो नामुमकिन लगता था:
  • ​इंटर की परीक्षा में बैठीं सभी 123 छात्राओं ने न केवल परीक्षा पास की, बल्कि सब की सब फर्स्ट डिवीजन आईं।
  • ​यह 100% रिजल्ट उस दौर पर करारा तमाचा है जब बिहार में ‘चरवाहा विद्यालय’ की चर्चा होती थी। मंत्री ने इसे एक मौन क्रांति बताया है जो अब धरातल पर दिखने लगी है।

​सात समंदर पार का सपना अब सच: बिहार के छात्रों को मिला 20 लाख का ‘गोल्डन टिकट’

​सबसे बड़ा सस्पेंस उस योजना से हटा, जिसका इंतजार बिहार के छात्र बरसों से कर रहे थे। मंत्री ने खुलासा किया कि केंद्र की ‘नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप’ अब बिहार में भी पूरी ताकत से लागू हो गई है।

  • ​बिहार के एससी-एसटी वर्ग के होनहार छात्र अब विदेश जाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे।
  • ​इस पढ़ाई के लिए उन्हें 20 लाख रुपये की बड़ी सहायता मिलेगी।

​मंत्री ने संकेत दिया कि बाबा साहेब के ‘शिक्षित बनो’ के नारे को अब बिहार सरकार ने अपना संकल्प बना लिया है। 13 अप्रैल का यह आयोजन प्रदेश की राजनीति और शिक्षा नीति में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।