पटना। ​बिहार की राजनीति के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले नीतीश कुमार अब केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं। मंत्री विजय चौधरी के अनुसार, नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इससे पहले वे विधान परिषद से इस्तीफा दे चुके हैं। दिल्ली में शपथ ग्रहण के बाद 11 और 12 अप्रैल को वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से महत्वपूर्ण मुलाकात करेंगे।

​इस्तीफा और कैबिनेट की अंतिम बैठक

​दिल्ली से लौटने के बाद, नीतीश कुमार 13 अप्रैल को अपनी कैबिनेट की आखिरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में वर्तमान विकास योजनाओं की समीक्षा और भविष्य के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। इसके अगले दिन यानी 14 अप्रैल को नीतीश कुमार अधिकारिक तौर पर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे।

​खरमास के बाद होगा नई सरकार का उदय

​बिहार में नई सरकार के गठन के लिए 14 या 15 अप्रैल की तारीख तय मानी जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस समय ‘खरमास’ (अशुभ काल) समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। एनडीए के सभी विधायकों को 11 अप्रैल की शाम तक पटना में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है।

​कौन होगा नीतीश का उत्तराधिकारी?

​अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अभी सस्पेंस बरकरार है। बीजेपी नेता संजय सरावगी के अनुसार, एनडीए का केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही नए नेता के नाम पर मुहर लगाएगा। चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, जिन्होंने 8 मार्च को जेडीयू की सदस्यता ली थी, उन्हें नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

​नई सरकार का भविष्य और रणनीति

​नेतृत्व परिवर्तन से पहले एनडीए के घटक दलों की एक बड़ी बैठक होगी, जिसमें गठबंधन के फॉर्मूले और मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नीतीश कुमार खुद इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा रहेंगे ताकि सत्ता का हस्तांतरण सुचारू रूप से हो सके।