दुर्ग। धमधा जनपद पंचायत पूर्व जनपद सदस्य ईश्वरी निर्मलकर ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने अनुच्छेद 21 के उल्लंघन एवं प्रशासनिक लापरवाही के कारण मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान राशि में 18 माह का विलंब पोर्टल पर झूठे निराकरण की शिकायत की है। उन्होंने राशि नहीं मिलने से इलाज के अभाव में मृत व्यक्ति के परिजनों को मुआवजा राशि देकर तत्काल राहत पहुंचाने मांग की है।
यह भी पढ़ें : खुद ही फंसा शिकारी! दुर्लभ गिलहरी का शिकार करने वाला आरोपी गिरफ्तार, सोशल मीडिया बना सबूत
प्रशासनिक लापरवाही से हुई दो की मौत : सौंपे गए ज्ञापन में निर्मलकर ने कहा है कि टोकन नंबर के तहत गंभीर बीमारी कैंसर पीड़ित के लिए आर्थिक सहायता मांगी गई थी किंतु 18 माह बीत जाने पर भी राशि अप्राप्त रही, जिसके कारण तुमाकला निवासी कार्तिक यादव एवं विधवा दुलारी बाई के पुत्र टीकम यादव का इलाज के अभाव में मृत्यु हो गया।

उन्होंने बताया इसी तरह 20 जनवरी 2025 से अपलोड स्टेटस कंपलिट दिखाई दे रही है। इसके बावजूद कलेक्टर कार्यालय की स्वेच्छानुदान शाखा ने 14 महीनों तक चेक जारी नहीं किया और पोर्टल पर बिना भुगतान के मामला निराकृत दिखा दिया गया है यह सरकारी रिकार्ड के साथ गंभीर मामला है।
उनका कहना है कि तहसील कार्यालय धमधा द्वारा जानकारी छुपाने के कारण उन्हें 27 मार्च 2026 को आरटीआई लगाना पड़ा है। उन्होंने मांग की है कि मृतक कार्तिक यादव की आश्रित उनकी पत्नी एवं तीनों बच्चों के भविष्य के लिए उन्हें तत्काल 5 लाख रुपए मुआवजा राशि अंतरित करने एवं मृतक टीकम की माँ दुलारी बाई को 2 लाख रुपए की सहायता राशि तत्काल दी जाए।
वहीं उन्होंने करेली निवासी विधवा सुमित्रा बाई एवं दानी कोकड़ी की कुलेश्वरी बाई की बेटी के विवाह के लिए 50-50 हजार रुपए दी जाए। उन्होंने हर्ष साहू दानी कोकड़ी को भी एक लाख एवं संतोष साहू परोड़ा को 50 हजार की सहायता राशि दिलाने मांग की है।
बिना अनुमति अब निगम कर्मी नहीं ले सकेंगे अवकाश
भिलाईनगर। भिलाई नगर निगम क्षेत्र में जनगणना के कार्य की शुरुआत 1 मई से शुरू होने वाली है इसके पूर्व जनगणना प्रगणकों का प्रशिक्षण 10 अप्रैल को होने वाला है। नगर निगम के आयुक्त ने इस कार्य को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं बिना बताए अब कोई भी अधिकारी कर्मचारी अवकाश में नहीं जा सकते।
जनगणना के प्रथम चरण में मकानों की सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य माह 1 मई से 30 मई के मध्य किया जायेगा जिसका प्रशिक्षण 10 अप्रैल से प्रारंभ हो रहा है। नगर निगम भिलाई के समस्त अधिकारी, कर्मचारी बिना अनुमति के अवकाश पर नहीं जाएंगे एवं मुख्यालय नही छोड़ेंगे।
फरार 4 स्थाई वारंटी गिरफ्तारी
भिलाईनगर। वारंटियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर 4 वारंटियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाना छावनी क्षेत्र अंतर्गत न्यायालय से जारी स्थाई गिरफ्तारी वारंटों की तामीली हेतु विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लंबे समय से फरार वारंटियों की लगातार तलाश कर उन्हें चिन्हित किया गया। 7 से 8 अप्रैल को पुलिस टीम द्वारा प्रभावी कारवाई करते हुए कुल रूद्र अभिषेक पासवान, निवासी विवेकानंद नगर नंदनी रोड मुकेश तिवारी उर्फ पप्पू तिवारी, निवासी सर्कुलर मार्केट कैम्प 02, दिनेश कुमार महाजन, निवासी सर्कुलर मार्केट कैम्प 02, संदीप दीप, निवासी कैम्प 01 वारंटियों को गिरफ्तार किया है।
राजपुर में अवैध खनन का बड़ा खेल प्रशासन मौन
धमधा। धमधा विकासखंड के ग्राम पंचायत राजपुर में पत्थर खनन को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। क्षेत्र में पत्थर की प्रचुर उपलब्धता का फायदा उठाते हुए कई स्थानों में अवैध खनन, बिना लीज संचालन और अवैध भंडारण का संगठित खेल चलने की संभावना जताई जा रही है। इसके चलते जिला प्रशासन दुर्ग और खनिज विभाग को भारी राजस्व नुकसान हो रही है।
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि कई खदानों का संचालन बिना वैध लीज के किया जा रहा है, जबकि कुछ संचालक कागजों में लीज होने का दावा करते हैं। जमीनी स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो रहा कि कौन सी खदान वैध है और कौन अवैध है. स्थिति को और संदिग्ध बनाता है कुछ स्थानों में मछली पालन (फिशरी) के नाम पर लीज होने की चर्चा है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार वहां पत्थर उत्खनन जैसी गतिविधियां देखी जा रही हैं। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और पूरे मामले की सच्चाई केवल निष्पक्ष जांच के बाद सामने आ सकेगी।
खनन कार्य में नियमों की अनदेखी के आरोप हैं। खनिज विभाग के दिशा-निर्देशों अनुसार गौण खनिजों के उत्खनन में सामान्यतः लगभग 6 मीटर तक की गहराई सीमा निर्धारित होती है। इससे अधिक गहराई के लिए विशेष अनुमति आवश्यक होती है। साथ ही ढलान, सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का पालन अनिवार्य होता है। इसके विपरीत, स्थानीय स्तर पर यह आरोप है कि कई स्थानों पर निर्धारित सीमा से अधिक गहराई तक खनन किया जा रहा है। इससे हादसों की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से यह गतिविधियां जारी हैं, लेकिन अब तक खनिज विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
बीएसपी प्रबंधन ने कहा, आगजनी को अतिरंजित कर किया प्रचारित
भिलाईनगर। बीएसपी के जनसंपर्क विभाग ने कहा है कि 7 अप्रैल को भिलाई इस्पात संयंत्र के पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन 2 स्थित एसटीजी – 4 टर्बाइन में हुई आग की घटना के संबंध में विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लिया गया है। विभाग ने कहा है कि यह देखा गया है कि कई समाचारों में तथ्यों को आंशिक रूप से प्रस्तुत किया गया है। तथा संयंत्र प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष शामिल नहीं किया गया है, जिससे स्थिति की भ्रामक तस्वीर प्रस्तुत हो रही है।
विभाग के अनुसार 7 अप्रैल को प्रातः लगभग 10.05 बजे टर्बाइन में आग लगने की घटना हुई, जिसे संयंत्र की अग्निशमन सेवा ने त्वरित एवं प्रभावी कारवाई करते हुए लगभग 11.10 बजे तक पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। घटना के दौरान सभी कर्मचारियों एवं श्रमिकों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। अफरा-तफरी के दौरान केवल एक संविदा कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर हुआ, जबकि अन्य कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर चिकित्सकीय जांच हेतु भेजा गया। वर्तमान में सभी प्रभावित व्यक्तियों की स्थिति स्थिर एवं सुरक्षित है।
जनसंपर्क की ओर से कहा गया कि घटना स्थल पूरी तरह सुरक्षित एवं नियंत्रण में है तथा उत्पादन/सुरक्षा से संबंधित आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जनसंपर्क विभाग ने कहा है कि कुछ समाचार पत्रों में भीषण विस्फोट, कई गंभीर रूप जलने से घायल, बड़ी जनहानि की आशंका जैसे अतिरंजित एवं अपुष्ट तथ्यों का उल्लेख किया गया है, जो वास्तविक स्थिति को परिलक्षित नहीं करते। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन • स्पष्ट करना चाहता है कि संयंत्र में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सभी आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
कॉलोनी के अनुमोदन में खेला करने वाले टाउन प्लानिंग के दो अधिकारी निलंबित
राजनांदगांव। टाउन प्लानिंग राजनांदगांव में पदस्थ उप संचालक स्तर के दो अधिकारियों को राज्य शासन ने निलंबित करने का आदेश दिया है। इन अफसरों पर एक कॉलोनी के अनुमोदन के दौरान करोड़ों रूपये की गंभीर अनियमितता किए जाने का आरोप लगा है। एक अधिकारी सूर्यभान सिंह ठाकुर वर्तमान में दुर्ग में पदस्थ हैं, वहीं दूसरी महिला अधिकारी उप संचालक के पद पर राजनांदगांव में सेवारत है।
मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन के अवर सचिव शत्रुहन यादव ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें उनके द्वारा कहा गया है कि 15 जनवरी 2026 को नगर पालिक निगम राजनांदगांव द्वारा सत्यम परिवेश कॉलोनी के अनुमोदन अभिन्यास में करोड़ों रूपये का हेरफेर की गई है, जिस संबंध में राजनांदगांव में पदस्थ रहे संयुक्त संचालक सूर्यभान सिंह ठाकुर जो वर्तमान में दुर्ग में पदस्थ है, कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्रकरण में दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद जांच हेतु गठित की गई समिति द्वारा जांच प्रतिवेदन में सूर्यभान ठाकुर एवं राजनांदगांव में पदस्थ उप संचालक कमला सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है, जिसके कारण निलंबित किए जाने का आदेश जारी किया गया है।
आरोपों से घिरे रहे हैं दोनों अधिकारी
राजनांदगांव टाउन प्लानिंग में अपनी पदस्थापना के दौरान उप संचालक सूर्यभान सिंह से लेकर कमला सिंह पर इसके पहले भी गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। नियमों के विपरित जाकर कॉलोनियों को अनुमति देने से लेकर अवैध प्लाटिंग के मामले में भी इन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही है। जांच समिति की जांच रिपोर्ट में और कई खुलासे हो सकते हैं।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र की चल रही जांच
सूत्र बता रहे हैं कि राजनांदगांव में पदस्थ उप संचालक कमला सिंह के खिलाफ बिलासपुर कलेक्टर से फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने का गंभीर आरोप लगा है। हालांकि शिकायत पर जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल राज्य शासन द्वारा निलंबन की की गई कार्रवाई से अब यह उम्मीद जगी है। कि टाउन प्लार्निंग में चल रही वर्षों की गड़बड़ी की जांच की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव टाऊन प्लानिंग में दुकान-मकान और शॉपिंग काम्पलेक्स अनुमति के सैकड़ों मामले में लंबित है। जिसके जांच होने पर राज्य सरकार के खजाने को करोड़ों रूपए की चोट पहुंचाए जाने का मामला उजागर होगा।
कबाड़ियों पर पुलिस की स्ट्राइक, 32 लाख का कबाड़ जब्त
गंडई पंडरिया। कबाड़ी दुकानों में चोरी का सामान खरीदे बेचे जाने की लगातार मिल रही शिकायतों पर पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कई कबाड़ी दुकानों में एक साथ छापा मारा। इस दौरान लगभग 32 लाख रुपए का अवैध कबाड़ जप्त किया गया है। जब्त कबाड़ में घरेलू व कमर्शियल गैस सिलेंडर, कार के स्पेयर पार्ट्स तथा अन्य सामग्री शामिल है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 7 अप्रैल को 7 विशेष टीम राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में गठित कर कार्यवाही की गई। जिसके अंतर्गत पुलिस चौकी क्षेत्रांतर्गत चिखली थाना कोतवाली खैरागढ़ रोड स्थित सफीक खान उर्फ बैगा कबाड़ी के यार्ड में जिसे शेख शहबाज पिता शेख परवेज द्वारा संचालित किया जाना पाया गया, में रेड कार्यवाही के दौरान मौके पर टिन का ड्रम, पुरानी साइकिल, टिन शीट, लोहे का आलमारी, मिनी ट्रक क्रमांक सीजी 09 जेड एच 5646 में लोहे का भरा हुआ सामान कुल वजन 17,210 किलोग्राम, कीमत लगभग 11 लाख रुपये का सामान मौके पर जप्त करने में सफलता पुलिस टीम को प्राप्त हुई।
पुलिस चौकी चिखली क्षेत्रांतर्गत एलपीजी गैस गोदाम के पास स्थित मोहम्मद इमरान खान पिता मोहम्मद इब्राहिम खान निवासी चिखली वार्ड नंबर 5 के यार्ड में रेड कार्यवाही किए जाने पर अलग- अलग 27 नग चार पहिया वाहनों के नंबर प्लेट, 14 नग पुरानी वाहनों के इंजन, चेसिस, ट्रैक्टर के पार्ट्स, पुराना व्हील चक्का 120 नग, साइलेंसर पाइप आदि कार एवं वाहनों की सामग्री एवं उपकरण जप्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपए पाई गई।
थाना कोतवाली क्षेत्रांतर्गत लखोली के खैरा रोड कन्हारपुरी स्थित मोहम्मद अनीश पिता मोहम्मद सलीम उम्र 30 वर्ष निवासी राहुल नगर के कबाड़ी दुकान पर किए गए रेड कार्यवाही में लोहे का पाइप, वाहनों का नंबर प्लेट, लोहे का एंगल, गैस सिलेंडर (खाली), लोहे का चैनल आदि सामान कुल लगभग 500 किलोग्राम, कीमत लगभग 1 लाख रुपये जप्त किया गया। उक्त पुलिस टीम का नेतृत्व आदित्य कुमार थाना प्रभारी डोंगरगांव द्वारा थाना कोतवाली के सहायक स्टाफ के साथ किया गया।
हरियाणा की सभी खबरों को पढ़ने के लिए इस व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
https://chat.whatsapp.com/BNklCtUKGfW7mMof5ZSCyk?mode=gi_t
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

