दुर्ग। स्वयं को लोन उपलब्ध कराने वाले बताकर प्रार्थिया को पहले विश्वास में लिया गया इसके बाद उसके साथ 66,500 रुपए की ठगी की गई। फर्जी तरीके से बैंक खाता खुलवाकर चेक प्राप्त कर धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों को नेवई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 318 (4), 316 (2), 3 (5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया एवं आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है।
पुलिस ने बताया कि प्रार्थया पूर्णिमा साहू निवासी मौहारी भाठा थाना नेवई ने लिखित शिकायत देते हुए बताया था कि उसके साथ लोन दिलाने के नाम पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा धोखाधड़ी की गई है। प्रार्थिया को घर खरीदने के लिए लोन लेने की आवश्यकता थी। इस पर आरोपियों द्वारा पोस्टर के माध्यम से संपर्क कर स्वयं को लोन उपलब्ध कराने वाला बता कर विश्वास में लिया गया।

आरोपियों द्वारा दस्तावेज प्राप्त कर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए गए तथा लोन प्रोसेसिंग के नाम पर कुल 66,500 रुपए की राशि प्राप्त की गई। इसके बाद आरोपियों द्वारा लोन उपलब्ध नहीं कराया गया एवं प्रार्थिया को लगातार गुमराह किया जाता रहा। साथ ही आरोपियों द्वारा चेक के दुरुपयोग की धमकी दी गई।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी भूपेश भारती उर्फ राम उर्फ दुर्गेश निवासी ग्राम छाटा थाना उतई, संजय जनबंधु निवासी कैंप दो शारदा पारा थाना छावनी, हेमंत गुप्ता उर्फ किशन गुप्ता रुआबांधा बस्ती थाना भिलाई को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से प्रकरण से संबंधित दस्तावेज एवं बैंक चेक जब्त किए गए हैं।
ऑनलाइन बेटिंग में संलिप्त तीन और आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। फर्जी बैंक खातों के माध्यम से ऑनलाइन बेटिंग में संलिप्त गिरोह पर कार्रवाई करने में दुर्ग पुलिस सफल हुई है। तीन मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 22 एटीएम, 10 चेक बुक, 8 पासबुक, चार सिम कार्ड सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। इस प्रकरण में अब तक कुल 19 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और करोड़ों रुपए के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने बताया कि प्रार्थी अविनाश दुबे ने थाना पद्मनाभपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपीगण द्वारा अवैध रूप से लोगों का बैंक खाता खुलवाकर उनसे एटीएम, सिम, पासबुक एवं चेक बुक प्राप्त कर उसे विभिन्न ऑनलाइन बेटिंग एप में धनराशि के लेनदेन के रूप में उपयोग किया जा रहा है। प्राप्त सामग्रियों को मुंबई भेज कर अवैध आर्थिक गतिविधियों में उपयोग किया जाता था।
इस मामले में धारा 317 (4), 419 (2) 42 (2), 42 (3) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया था। पूर्व में इस मामले में 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। विवेचना के दौरान सह मुख्य आरोपी कुश निवासी दीपक नगर दुर्ग, उसके साथी रितेश राय नावासी रजत होम्स हरी नगर तथा महेंद्र सिंह ठाकुर वार्ड नंबर 17 सुपेला को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में थाना पद्मनाभपुर पुलिस की टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उल्लेखनीय भूमिका रही ।
हेरोइन तस्करी के चार अंतर राज्यीय आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। जिला पुलिस ने नशे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए हीरोइन तस्करी में लिप्त चार अंतर राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 91.9 ग्राम हीरोइन चिट्टा जिसकी कीमत 18,69,000 रुपए है को जब्त किया है। आरोपी पंजाब से मादक पदार्थ लाकर भिलाई में बिक्री करने की तैयारी में थे । आरोपी हाउसिंग बोर्ड भिलाई में किराए का मकान लेकर इस काम को संचालित कर रहे थे। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर ने बताया कि 10 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली कि हाउसिंग बोर्ड भिलाई क्षेत्र में किराए के मकान में अवैध रूप से मादक पदार्थ हीरोइन चिट्टा रखकर बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही थाना जामुल पुलिस एवं एसीसीयु की टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घेराबंदी की। इस कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को पकड़कर उनके कब्जे से कुल 91.9 ग्राम हेरोइन चिट्टा एवं नगदी रकम जब्त की गई है। आरोपीगण मादक पदार्थ को अमृतसर पंजाब से लाकर भिलाई में बेचना स्वीकार किया।
आरोपियों के खिलाफ धारा 20 क, 27 ख एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया है। सभी आरोपियों राजविंदर कौर निवासी भौद पुर थाना तरसिक्का जिला अमृतसर, राजवीर सिंह निवासी मजिठा रोड लक्ष्मी विहार जिला अमृतसर, कुलदीप सिंह निवासी तर सिक्का जिला अमृतसर, लवप्रीत सिंह निवासी भौदपुर थाना तर सिक्का जिला अमृतसर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के अंतर्गत बीएसपी में 160 इंटर्नशिप के लिए आवेदन आमंत्रित
भिलाईनगर। भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के चरण 3 के अंतर्गत युवाओं को औद्योगिक अनुभव प्रदान करने हेतु 160 इंटर्नशिप अवसरों की घोषणा की गई है। इंटर्नशिप के दौरान प्रतिभागियों को चिकित्सा, मानव संसाधन सूचना प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स एवं कार्यालय प्रशासन जैसे विभिन्न प्रमुख विभागों में कार्य करने का अवसर मिलेगा, जहाँ वे अनुभवी अधिकारियों के मार्गदर्शन में औद्योगिक प्रक्रियाओं एवं प्रबंधन प्रणाली की व्यावहारिक समझ विकसित कर सकेंगे।
यह इंटर्नशिप कार्यक्रम 9 माह की अवधि का होगा, जिसके अंतर्गत चयनित अभ्याथियों को प्रति माह लगभग 9,000 का मानदेय प्रदान किया जाएगा। यह संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को उद्योग से संबंधित आवश्यक दक्षताओं से सुसज्जित कर उनके करियर विकास हेतु एक सुदृढ़ आधार प्रदान करेगा।
इस योजना के लिए पात्रता मानदंड को समावेशी रखा गया है, जिसके अंतर्गत 10वीं उत्तीर्ण, डिप्लोमा धारक एवं स्नातक अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इससे विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के अधिक से अधिक युवाओं को इस योजना का लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इच्छुक अभ्यर्थी प्रधानमंत्री इंटर्नशिप पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया 14 अप्रैल से प्रारंभ होगी एवं आवेदन की अंतिम तिथि 13 मई निर्धारित की गई है।
डिजिवर्सिटी पोर्टल खुला, समय पर फॉर्म नहीं भरे तो बढ़ेगी लेट फीस की मार
भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने अप्रैल- मई 2026 परीक्षाओं के लिए डिजिवर्सिटी पोर्टल खोल दिया है। वहीं समय-सीमा को लेकर विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा फॉर्म केवल ऑनलाइन माध्यम से ही भरे जाएंगे और निर्धारित तिथियों के बाद देर करने पर छात्रों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
बी.टेक (सातवें एवं आठवें सेमेस्टर), बी.टेक (ऑनर्स), के पाठ्यक्रमों के साथ बी. फार्मेसी ( सातवें एवं आठवें सेमेस्टर) के लिए 8 अप्रैल से 23 अप्रैल तक फॉर्म भरे जाएंगे। बिना लेट फीस के अंतिम तिथि 11 अप्रैल तय की गई है, जबकि इसके बाद 30, 120 और 200 रुपए प्रतिदिन की लेट फीस के साथ क्रमशः 15, 19 और 23 अप्रैल तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
परीक्षा फॉर्म की अंतिम स्वीकृति 24 अप्रैल शाम 5 बजे तक ही होगी। वहीं बिना एबीसी आईडी के छात्रों का एडमिट कार्ड जारी नहीं होगा। संस्थानों को पोर्टल पर छात्रों के नामों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनावश्यक शुल्क से बचा जा सके। किसी भी समस्या के लिए केवल ऑनलाइन टिकट प्रणाली के माध्यम से ही शिकायत दर्ज की जा सकेगी। वहीं प्रैक्टिकल परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के बाद 4 दिनों के तर आयोजित की जाएंगी।
14 अप्रैल को बंद रहेंगे बीएसपी कार्यालय
भिलाईनगर। भारत सरकार ने 14 अप्रैल को डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के जन्म दिवस पर बंद छुट्टी की घोषणा की है। इसके परिपालन में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के अधीनस्थ इस्पात संयंत्र / इकाइयों एवं समस्त कार्यालय 14 अप्रैल को बंद रहेंगे। बीएसपी के संयंत्र, खदानों एवं नगर क्षेत्र में स्थित प्रशासनिक कार्यालय सहित बाहरी कार्यालय बंद रहेंगे, किन्तु उत्पादन इकाइयाँ एवं अन्य आवश्यक सेवाएँ यथावत कार्यरत रहेगी।
यदि किसी कार्मिक को उपर्युक्त बंद छुट्टी के दिन कार्य पर बुलाया जाता है तो चाहे उस दिन उसका साप्ताहिक अवकाश हो या न हो, उसे उस दिन काम करने के एवज में एक दिन की प्रतिपूरक छुट्टी की पात्रता होगी जिसे वह कैलेन्डर वर्ष में दो माह के भीतर ले सकता है। ऐसे कार्मिक, जिनकी साप्ताहिक छुट्टी 14 अप्रैल को पड़ रही हैऔर यदि उन्हें काम पर नहीं बुलाया जाता है तो, प्रतिपूरक छुट्टी की पात्रता नहीं होगी।
जनगणना 2027 के लिए लोगों को किया जाएगा जागरूक
दुर्ग। निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 1 मई से 30 मई तक तथा स्व-गणना का कार्य 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक निर्धारित अवधि में संपन्न किया जाएगा। निगम क्षेत्र में जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रचार-प्रसार माध्यमों का व्यापक उपयोग किया जाएगा।
इसके अंतर्गत नगर निगम द्वारा कचरा संग्रहण वाहनों में ऑडियो सिस्टम के माध्यम से जनगणना संबंधी संदेशों का प्रसारण किया जाएगा। साथ ही शासकीय कार्यालयों एवं संस्थानों के एलईडी डिस्प्ले और नोटिस बोर्ड पर जनगणना से संबंधित वीडियो, स्लोगन एवं अन्य सामग्री प्रदर्शित की जाएगी।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों एवं ट्रैफिक सिग्नलों पर उपलब्ध ऑडियो सिस्टम एवं सार्वजनिक उद्घोषणा के माध्यम से भी जनगणना संबंधी संदेश आम नागरिकों तक पहुंचाए जाएंगे। इसके अलावा स्थानीय केबल नेटवर्क एवं जिला स्तरीय अधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर व्यापक प्रचार किया जाएगा।
पांच गुना ब्याज के नाम पर पिता से 17 लाख और बेटे से ठगे चार लाख
राजनांदगांव। एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटी कंपनी के एंजेट द्वारा हर माह पांच प्रतिशत ब्याज का लालच देकर सिंघोला निवासी यज्ञवल साहू पिता रामलाल साहू से 17 लाख रुपए की ठगी कर ली गई है, इसी तरह उनके बेटे दीपक कुमार साहू हर वाहन दोगुना ब्याज दिए जाने के नाम पर 4 लाख की ठगी दुर्ग निवासी अमित लिल्हारे पिता निर्भय दास लिल्हारे द्वारा कर ली गई है।दोनों पीड़ित बाप बेटे ने पुलिस अधीक्षक से शुक्रवार को लिखित शिकायत कर एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
राजनांदगांव के ग्राम सिंघोला निवासी यज्ञवल साहू उम्र 56 वर्ष ने बताया कि दुर्ग निवासी अमित लिल्हारे पिता निर्भय दास लिल्हारे उम्र 40 वर्ष कातुलबोर्ड निवासी द्वारा पैसा नही देने और कही भी शिकायत कर लेने की धमकी दी है। इसी तरह उनके पीड़ित बेटे दीपक कुमार साहू पिता या केवल साहू उम्र 26 वर्ष सिंघोला निवासी ने बताया कि दुर्ग निवासी अमित लिल्हारे और गेम लाल देवांगन पिता दाऊ चंद देवांगन कांकेतरा निवासी द्वारा 4 लाख जमा कराने और इसके बदले हर माह 5 गुना ब्याज देने की बात कही गई।
बता दे अब तक इसी कंपनी के दोनों एंजेट के खिलाफ दर्जनभर से अधिक शिकायत एसपी से हो चुकी है, जिसमें शंकर नगर वार्ड निवासी हेमंत वर्मा की शिकायत पर चिखली थाने में अपराध दर्ज हो चुका है। सवाल उठता है चकली थाने में अपराध दर्ज होने के बाद इसी तरह की शिकायत अन्य थानों में भी आई है, लेकिन पुलिस द्वारा उसे मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है जबकि आरोपी अब तक फरार हैं।
आखिर डीआर ने निरस्त की दो सगे भाइयों की पदस्थापना
राजनांदगांव। नियम कायदों को दरकिनार कर सहकारिता विभाग के डीआर द्वारा दी गई पदस्थापना आदेश आखिर में निरस्त हो गई है। प्रकाशित समाचार के बाद राज्य सहकारिता विभाग और जिले तक खलबली मच गई थी। इस मनमानी को लेकर राज्य के बड़े अधिकारियों ने डीआर को जमकर फटकार लगाई है। पर्दे के पीछे खेले गए पूरे मामले का पर्दाफाश होने के बाद शुक्रवार को ही डीआर एनएल टंडन ने आदेश जारी कर घुपसाल सोसाइटी में प्रभारी प्रबंधक शुभम कांडे की नियुक्ति आदेश निरस्त किया है, वहीं दूसरे सगे भाई सौम्य कांडे की भी नियुक्ति निरस्त कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि, छुरिया ब्लाक में पुर्नगठित सोसायटी घुपसाल जो अस्तित्व में ही नही आया हैं, उस सोसायटी में सहकारिता विभाग ने झीथराटोला सोसायटी के शुभम काडे को घुपसाल सोसायटी मे प्रबंधक पद पर पूर्ण प्रभार दे दिया था। इसी तरह सौम्य कांडे पिता कृष्ण कुमार कांडे को भी बगैर विज्ञापन और नियम को पालन किए बगैर शिकारीमहका सोसायटी में लिपिक सह कम्प्यूटर आपरेटर के पद नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया है। एक अप्रैल को दोनो की नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद जब षड्यंत्र का खुलासा हुआ तो 10 मार्च को ही आदेश निरस्त कर दिया गया।
ऐसी खबर है कि डीआर ने जिन दो कर्मचारियों को नियुक्ति दी थी वह दोनों सगे भाई और सहकारिता मंत्री के ओएसडी के करीबी थे। जिसका फायदा उठाकर दोनों कर्मचारियों को नियम कायदा दरकिनार कर पदोन्नति दी गई थी । नवभारत अखबार द्वारा शुक्रवार 10 अप्रैल को खबर प्रकाशित किए जाने के बाद राज्य स्तर पर सहकारिता महकमे में खलबली मच गई और और बड़े अधिकारियों के आदेश पर सहकारिता उपायुक्त द्वारा शुक्रवार को ही निरस्ति संबंधी आदेश जारी किया गया।
डीआर के खिलाफ जांच की मांग
पता चला है कि सहकारिता के बड़े अफसर द्वारा मौखिक आदेश कर डीआर को नियुक्ति के निर्देश दिए थे। सवाल यह उठता है कि आखिर मौखिक बातचीत के आधार पर डीआर द्वारा कैसे लिखित आदेश जारी • किया गया। सवाल उठने लगा है कि, इससे पहले किए गए सभी नियुक्ति की जांच की जानी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने कहा है कि फर्जी नियुक्ति कर उसे फिर निरस्त करने के बाद डीआर दूध के धुले नहीं हो सकते है। उन्होंने कहा है कि, डीआर को तत्काल पद से हटाने की कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता में भ्रष्टाचार चरम पर है, उन्होंने कहा है कि धान खरीदी में भी इसी तरह का भ्रष्टाचार कर किसानों को परेशान किया गया है।
130 अवैध विज्ञापन बोर्ड को हटाया निगम ने
राजनांदगांव। निगम सीमाक्षेत्र में निजी भवन के दीवाल, छत पर लगे होर्डिग्स बोर्ड, विद्युत पोलो में लगे छोटे बेनर – पोस्टर, फ्लाई ओव्हर के पिल्हर में विज्ञापन बिना अनुमति के लगाया गया है, जिसे नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा के निर्देश पर निगम की टीम हटाने की कार्यवाही कर रही है। इसी कडी में शुक्रवार को लखोली नाका चौक, नंदई, गंज चौक, रामाधीन मार्ग, कामठी लाईन के विद्युत पोलो एवं अन्य जगह में लगे लगभग 130 पोस्टर व छोटे विज्ञापन बोर्ड निगम टीम ने हटाई।
निगम आयुक्त विश्वकर्मा ने बताया कि निगम सीमाक्षेत्रांतर्गत कतिपय विज्ञापन एजेंसियों / संस्थानों / व्यक्तियों द्वारा प्रायः इस निकाय के बिना पूर्वानुमति एवं स्वीकृति के विज्ञापन हेतु बोर्ड / निजी भवनों के दीवाल एवं छत पर होर्डिंग्स बोर्ड / विद्युत पोलों में छोटे बोर्ड, बैनर पोस्टर एवं सार्वजनिक शौचालय / फ्लाई ओव्हर के पिल्हरों में अन्य प्रकार का विज्ञापन लगाया जाता है, और कई लोगों द्वारा लगाया भी गया है, जो कि छत्तीसगढ़ विज्ञापन पंजीयन एवं विनियमन उपविधि 2012 की कंडिका 9 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है एवं छ०ग० नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 248 एवं 434 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। इस संबंध में पूर्व में संबंधितों को नोटिस के माध्यम से सूचित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिये थे । किन्तु कतिपय लोगों के द्वारा अवैध होर्डिग्स व बोर्ड नही हटाया गया। जिसे आज निगम की टीम ने कार्यवाही करते हुये लखोली नाका चौक, नंदई, गंज चौक, रामाधीन मार्ग, कामठी लाईन के विद्युत पोलो एवं अन्य जगह में लगे लगभग 130 अवैध बोर्ड हटाया।
आयुक्त विश्वकर्मा ने सर्व संबंधित विज्ञापन एजेंसी व संस्थाओ से कहा कि विज्ञापन बोर्ड लगाने नगर निगम से नियमानुसार विधिवत अनुमति उन्होंने सर्व संबंधित एवं स्वीकृति ले लेवे । विज्ञापन एजेंसियों / संस्थानों एवं संबंधित व्यक्तियों को सूचित करते हुये कहा है कि निकाय के बिना पूर्वानुमति स्वीकृति के लगाये गए होर्डिंग्स बोर्ड, एवं बैनर पोस्टर एवं अन्य प्रकार के विज्ञापन स्वेच्छा से हटा लेवें अन्यथा भविष्य में बिना किसी पूर्व सूचना के निगम होर्डिंग्स बोर्ड / बैनर पोस्टर के लिए अर्थदंड सीमा क्षेत्रातंर्गत बिना अनुमति लगाये गये अधिरोपित करते हुए बैनर पोस्टर एवं अन्य प्रकार के विज्ञापन बोर्ड निगम द्वारा हटा / जब्त कर लिया जावेगा एवं अवैध सूचना विज्ञापनकर्ताओं के विरूद्ध प्रथम रिपोर्ट दर्ज करायी जावेंगी, जिससे उत्पन्न क्षति तथा संपूर्ण हर्जे खर्चे के लिए संबंधित एजेन्सी/संस्थान एवं व्यक्ति स्वयं उत्तरदायी होंगे।
परिवहन विभाग ने स्कूल वाहनों की जांच के लिए चलाया अभियान
राजनांदगांव। विभाग द्वारा बच्चों की सुरक्षा को परिवहन ध्यान में रखते हुए स्कूल वाहनों की विशेष जांच एवं प्रवर्तन की कार्रवाई की गई। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजनांदगांव आनंद शर्मा के बताया कि जांच एवं प्रवर्तन के दौरान स्कूल बसों एवं अन्य वाहनों में फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फायर सेफ्टी उपकरण सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं एवं दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान वाहनों में खामियां पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की।
जांच के दौरान श्रीवेद पब्लिक स्कूल मोहारा की स्कूल बस सीजी 08 एजी 1365 एवं सीजी 08 एजी 1366 में वैध फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र एवं कर (टैक्स) के दस्तावेज लंबित थे। संबंधित अनियमितताओं के कारण दोनों बसों को मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जप्त कर पुलिस थाना मोहारा में सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित खड़ा किया गया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार, इससे पूर्व भी श्रीवेद पब्लिक स्कूल मोहारा की एक बस के विरूद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, किंतु वाहन संचालकों द्वारा आवश्यक दस्तावेजों के नवीनीकरण के प्रति अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई। इसी तरह दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव के स्कूल बस सीजी 08 एम 0237, मैजिक सीजी 08 एएक्स 1835, मैजिक सीजी 08 वाय 1432 जांच के दौरान निर्धारित फिटनेस, बीमा एवं अन्य निर्धारित मानकों की शर्तों में कमी पायी गई। इन वाहनों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जप्त कर कार्यालय अतिरिक्त क्षेत्रीय अधिकारी राजनांदगांव में सुरक्षार्थ सुरक्षित खड़ा किया गया है।
संबंधित वाहन संचालकों को आवश्यक दस्तावेजों नियमानुसार का वाहन करण कर का संचालन करने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग द्वारा स्कूली वाहनों की सुरक्षा एवं वैधता से किसी प्रकार का समझौता नहीं कियाजाएगा तथा भविष्य में भी इस प्रकार की सघन जांच एवं कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कार्रवाही में निरीक्षक प्रशांत शर्मा, उपनिरीक्षक अनीश बघेल तथा उपनिरीक्षक प्रभा तिवारी शामिल थे।
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