बिलासपुर। कंपनी गार्डन में शुक्रवार सुबह सैर कर रहे लोगों पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस घटना में 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हमले के बाद गार्डन में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
जानकारी के मुताबिक, गार्डन में पेड़ पर लगे मधुमक्खी के छत्ते पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थर मार दिया। इसके बाद मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। कई लोगों के चेहरे, हाथ और कान पर डंक लगे, जिससे सूजन आ गई। घटना के बाद सैर करने आए लोग घबराकर गार्डन से बाहर निकले और इलाज के लिए सिम्स पहुंचे।

घायल राकेश वर्मा ने बताया कि वे रोज की तरह सुबह टहल रहे थे। तभी अचानक भिनभिनाने की आवाज आई और मधुमक्खियों ने चेहरे पर डंक मारना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोग चीखते हुए गेट की ओर भागे और बाद में सिम्स में इलाज कराया। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और उद्यान विभाग से मामले की जांच और गार्डन में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
जंगल में मिली महिला की लाश का खुला राज
कोरबा। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व बालमपुर के जंगल में एक विवाहिता की लाश मिली थी। लाश मिलने पर पुलिस की टीम मामले की तहकीकात में जुटी थी। पुलिस ने इस मामले में विवाहिता के प्रेमी को गिरफ्तार कर इस अंधेकत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। प्रेमी ने ही अपने प्रेमिका की हत्या कर उसकी लाश को ठिकाना लगाया था।
पसान थाना प्रभारी चंद्रपाल खांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम कुमारीसानी निवासी जयकुंवर (45 वर्ष) पति गनपत कुंवर फरवरी महीने में एक दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने मायके पिपरिया स्थित एक गांव में गई थी। जहां से वह वापस अपने ससुराल आने के लिए निकली थी, लेकिन उसके बाद वह अपने ससुराल कुमारीसानी नहीं पहुंची थी, और 25 फरवरी को जयकुंवर की लाश को बालमपुर के जंगल से पुलिस ने बरामद किया था।
पुलिस ने मामले वैधानिक कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के दिया था और शव को सुपुर्द किया था। पसान थाना प्रभारी चंद्रपाल खांडे द्वारा मामले की तहकीकात की जा रही थी इस दौरान पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुआ था। जिसमें सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस की तहकीकात तेज की और संदेह के आधार पर पुलिस ने कुमारीसानी निवासी सुखदेव (40 वर्ष) पिता संतकुंवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जयकुंवर की हत्या करना कबूल कर लिया।
बताया जाता है कि सुखदेव और जयकुंवर का प्रेम प्रसंग लंबे समय से चला रहा था। बताया जाता है कि जब जयकुंवर को सुखदेव कंवर अपने मोटरसाइकिल में बैठाकर वापस कुमारीसानी आ रहे थे। इस दौरान बालमपुर के जंगल में संबंध बनाने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, और शराब के नशे में धुत्त सुखदेव कंवर ने अपनी प्रेमिका जयकुंवर का गला दबाकर हत्या करने के बाद लाश को ठिकाने लगाकर अपने घर वापस आ गया था। पुलिस ने मामले में अंधे कत्ल की हुए गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपी सुखदेव कंवर को गिरफ्तार कर लिया है।
डंडे से पीटकर हत्या करने वालों को मिला आजीवन कारावास
जांजगीर-चांपा। डण्डा से पीटकर हत्या करने वाले आरोपीगण को न्यायालय द्वारा बीएनएस की धारा 103 (1) के अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं 1000-1000 के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। शैलेन्द्र चौहान, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, जांजगीर ने यह फैसला पारित किया। मामला बिर्रा थाना अंतर्गत ग्राम डभराखुर्द का है।
संदीप सिंह बनाफर लोक अभियोजक, जांजगीर के बताये अनुसार प्रार्थी अंकूर वैष्णव ने पुलिस थाना बिर्रा में 16 मार्च 2025 को एक लिखित रिपोर्ट इस आशय का पेश किया कि 14 मार्च 2025 को लगभग 3 बजे वह और चित्रांशु पटेल दोनों होली के दिन ग्राम डभराखुर्द आ रहे थे। रास्ते में राज केंवट डण्डा लेकर खड़ा था।
पुरानी रंजिश को लेकर उसके साथ में भुनेश्वर पटेल, मोहन पटेल, कृष्ण कुमार पटेल, दरसराम पटेल, दयाराम पटेल सभी लोग मिलकर उसे बांस के डण्डे से मारे। दयाराम पटेल और साथ में दरसराम पटेल भी जान से मारने की धमकी देकर मारपीट की, जिसे वह चित्रांशु पटेल के घर में बताने गया।
चित्रांशु पटेल को मारने से उसके सिर में चोट आई, उसे इलाज के लिए मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल जांजगीर ले गये। मारपीट करते समय चित्रांशु पटेल का मोबाईल गिर गया है, जो नहीं मिला है। घटना को धनीराम पटेल और मकर चंद ने देखा और सुना है। प्रार्थी की उक्त लिखित रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना बिर्रा में 16 मार्च 2025 को आरोपीगण के विरूद्ध धारा 296, 115 (2), 351 (2), 191 (2), 103 (1.2) एवं 109 बीएनएस के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गयी।
संपूर्ण अभियोजन साक्षियों का कथानक लिये जाने के पश्चात अभियोजन साक्षियों के न्यायालयीन कथनों के विश्लेषण कर प्रकरण के तथ्य एवं परिस्थिति पर विचार बाद अभियुक्तगण राज केंवट पिता अमरनाथ केंवट उम्र 19 वर्ष, दादूराम पटेल उर्फ भुनेश्वर पिता लाभों प्रसाद पटेल उम्र 23 वर्ष एवं दयाराम पटेल पिता लक्ष्मी पटेल उम्र 37 वर्ष सभी निवासी डभराखुर्ड थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चांपा को आजीवन कारावास एवं 1000-1000 रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।
बाराती बनकर पहुंची पुलिस ने मारा छापा, 8 जुआरी गिरफ्तार
सक्ती। जिले में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने एक अनोखी और फिल्मी अंदाज में कार्रवाई कर जुआ फड़ का भंडाफोड़ किया। चौकी फगुरम क्षेत्र में बाराती बनकर पहुंची जुआरियों को रंगे हाथ पकड़ लिया, जबकि 3 आरोपी मौके से फरार हो गए। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन में लगातार चल रहे अभियान के तहत की गई। मुखबिर की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल को अवगत कराया गया, जिसके बाद अनुविभागीय अधिकारी पुलिस डभरा सुमित गुप्ता एवं थाना प्रभारी राजेश पटेल के मार्गदर्शन में टीम ने रणनीति बनाई।
चौकी प्रभारी अनवर अली के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम कानाकोट के खार नहर किनारे आम जगह पर दबिश दी। मौके पर 52 पत्ती ताश से काटपत्ती नामक जुआ ये खेलते हुए 8 जुआरियों को गिरफ्तार किया र गया। 26 हजार नगद, 7 मोबाइल और दो कार जब्त किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 26,000 रुपये नगद, 7 मोबाइल (करीब 1 लाख रुपये कीमत) जब्त किए। साथ ही घटनास्थल के पास संदिग्ध हालत लत में खड़ी दो कार (लगभग 30 लाख रुपये कीमत) भी बरामद की रहा है। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक कुमार साहु, शिवम साहु, संजय साहु (सारंगढ़-बिलाईगढ़), भेषज किशोर साहु (सक्ती), देवेंद्र साहू (डभरा), विरेन्द्र कुर्रे, राकेश कुमार सान्डे एवं दीपक कुमार चन्द्रा (सक्ती) शामिल हैं।
3 आरोपी फरार, तलाश जारी
छापेमारी के दौरान 3 आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी पुलिस द्वारा तलाश जारी है। जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की गई है। कार्रवाई में साइबर सेल सक्ती प्रभारी सी.पी. कंवर सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों एवं जवानों का विशेष योगदान रहा। बाराती बनकर की गई इस कार्रवाई ने न सिर्फ जुआरियों को चौंका दिया, बल्कि जिले में अवैध गतिविधियों पर पुलिस की सख्ती का भी साफ संदेश दे दिया है।
17 दिन बाद कानन के सांपों को भोजन में मिले चूजे, बाघ–बाघिन ने खाया चिकन
बिलासपुर। बर्ड फ्लू का खतरा टलते ही चिकन और अंडा खाने पर से प्रतिबंध हटते ही कानन पेंडारी के वन्यप्राणियों को शुक्रवार काे 17 दिन बाद चिकन खाने मिला। सांप के केज में चूजा डालते ही सांपों ने तेजी के साथ उन्हें पकड़कर निगल लिया। वहीं टाइगर, लॉयन, पैंथर, लेपर्ड व अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों को भोजन में चिकन और अंडा दिया गया।
कोनी स्थित सरकारी कुक्कुट पालन क्षेत्र में बर्ड फ्लू फैलने की वह से 25 मार्च से 10 से 12 किलोमीटर के दायरे में चिकन और अंडा खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। दो दिन पहले दिल्ली और छत्तीसगढ़ राज्य के सहयोग डाक्टर्स की एक टीम ने कुक्कुट पालन क्षेत्र का निरीक्षण किया।आसपास की स्थितियों का जायजा लिया। इसके बाद अंडा और चिकन खाने की अनुमति इस शर्त पर दी कि यह सामग्री अपने ही क्षेत्र से लेकर खरीदी–बिक्री की जाए।
इस आदेश के आने के बाद कानन पेंडारी में शुक्रवार से वन्यप्राणियों को चिकन, चूजा और अंडा दिया जाने लगा है। मांसाहारी वन्यप्राणियों को सप्ताह में दो–दो दिन अलग–अलग तरह का मांस दिया जाता है। इसमें चिकन के अलावा बकरे और सूअर का मांस शामिल है। कुछ वन्यप्राणियों को भोजन में उबला हुआ अंडा भी दिया जाता है। इन सभी का आहार फिर से शुरू कर दिया गया है।
दो मंजिल की अनुमति, खड़ी कर दी चार मंजिल, निगम ने बिल्डिंग सील की
बिलासपुर। बिना अनुमति अतिरिक्त निर्माण के मामले में शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित रामा मैग्नेटो मॉल के पास एक बिल्डिंग को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान इलाके में हड़कंप मच गया। नगर निगम जोन क्रमांक 4 की जोन कमिश्नर भवन शाखा अधिकारी और अतिक्रमण अमले के साथ मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को सील करने की प्रक्रिया पूरी की।
जानकारी के अनुसार, संबंधित भवन मालिक अल्ताफ हुसैन को निगम की ओर से पहले ही नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही निर्माण कार्य किया जाए, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए निर्माण जारी रखा गया। जांच में सामने आया कि भवन के लिए केवल दो मंजिल की अनुमति ली गई थी, जबकि मौके पर चार मंजिला निर्माण कर लिया गया था।
निगम अधिकारियों ने बताया कि यह निर्माण पूरी तरह से अवैध श्रेणी में आता है, क्योंकि अतिरिक्त मंजिलें बिना स्वीकृति के बनाई गई हैं। कई बार चेतावनी देने के बाद भी जब निर्माण कार्य नहीं रोका गया, तब निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए बिल्डिंग को सील करने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान जोन 4 की कमिश्नर सागर राज, भवन अधिकारी अनुपम तिवारी, सब इंजीनियर आशीष पांडेय, संतोष वर्मा, शिव जायसवाल मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर इसी तरह सख्ती की जाएगी।
जिले में लू-हीट वेव से बचाव हेतु कंट्रोल रूम स्थापित
मुंगेली। ग्रीष्म ऋतु में संभावित लू-तापघात (हीट वेव) की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन मुंगेली ने व्यापक तैयारी प्रारंभ कर दी है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में आमजनों की सुरक्षा एवं त्वरित सहायता सुनिश्चित करने तथा जागरूक करने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। भारत सरकार, गृह मंत्रालय एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत तहसील एवं ग्राम पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, पंचायत सचिवों, कोटवारों और अन्य मैदानी अमले के माध्यम से जनसमुदाय को जागरूक किया जाएगा।
कलेक्टर ने अपर कलेक्टर गिरधारी लाल यादव को लू-तापघात से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। आम नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष क्रमांक 07755-274274 जारी किया गया है। साथ ही नोडल अधिकारी का मोबाइल नंबर 94255-64563 भी सहायता एवं समन्वय हेतु उपलब्ध रहेगा। कलेक्टर ने आमजनों से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, सिर को ढककर रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
गबन करने वाला फरार ऑटोमोबाइल कर्मचारी गिरफ्तार
रायगढ़। कंपनी ने जिस कर्मचारी को वाहनों के संचालन और किराया वसूली की जिम्मेदारी सौंपी थी, उसी ने भरोसे का दुरुपयोग करते हुए 11 लाख रुपए से अधिक की राशि का गबन कर लिया। चक्रधर नगर पुलिस ने फरार आरोपी ऑटोमोबाइल मैनेजर को मध्यप्रदेश के सिंगरौली से गिरफ्तार किया है।
मामला शिव शक्ति स्टील प्लांट से जुड़ा है। यहां ऑटोमोबाइल एग्जीक्यूटिव पद पर कार्यरत मनीष कुमार शर्मा को कंपनी के वाहनों की देखरेख और ट्रांसपोर्टरों के माध्यम से संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी दौरान आरोपी ने अप्रैल से जून 2025 के बीच 11 लाख 35 हजार 861 रुपए की राशि कंपनी में जमा नहीं की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने ट्रांसपोर्टरों को गुमराह कर कंपनी के वाहनों को अन्य के वाहन बताकर चलवाया। साथ ही फर्जी बिल्टी बनाकर किराया वसूला और रकम खुद रख ली। पूरा लेनदेन योजनाबद्ध तरीके से किया गया, जिससे शुरू में गड़बड़ी सामने नहीं आ पाई।
शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह लगातार स्थान बदलता रहा। तकनीकी जांच के आधार पर सिंगरौली में उसकी मौजूदगी का पता चला। थाना प्रभारी राकेश मिश्रा के नेतृत्व में टीम को सिंगरौली भेजा गया, जहां से आरोपी को गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने गबन करना स्वीकार किया।
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