केरल में मतदान हुए 3 दिन से ज्यादा हो चुके हैं. इस बार राज्य के लोगों ने बढ़-चढ़ कर वोटिंग में हिस्सा लिया. हालांकि, 3 दिन से अधिक होने के बावजूद मतदान के आंकड़े जारी न होने पर राजनीतिक पार्टियों में बेचैनी साफ़ दिखाई देने लगी है. इसी कड़ी में कांग्रेस नेता सतीसन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा गया है जसमें कहा गया है कि वोटिंग खत्म होने के 3 दिन बीत जाने के बाद भी, आधिकारिक और प्रमाणित आंकड़े अभी तक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं.

केरल में इस बार हुए विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया. चुनाव आयोग की तरफ से आंकड़ों के अनुसार यहां पर इस बार 78 फीसदी से अधिक वोट पड़े हैं, लेकिन सीट के आधार पर अभी तक आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं. जिसकी वजह से राजनीतिक दलों में हलचल बनी हुई है.

पत्र में क्या लिखा गया ?

कांग्रेस नेता की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे एक पत्र में कहा गया कि वोटिंग खत्म होने के 3 दिन बीत जाने के बाद भी, आधिकारिक और प्रमाणित आंकड़े अभी तक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. उन्होंने कल रविवार (12 अप्रैल) को लिखे पत्र में बताया कि विधानसभा सीट के आधार पर वोटिंग डेटा के साथ-साथ वोट परसेंटेज और पोस्टल बैलेट से जुड़े आंकड़ों की जानकारी अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है.

883 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद

आयोग से निष्पक्ष चुनाव कराए जाने की बात करते हुए सतीसन ने कहा कि चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने, सार्वजनिक जांच को सक्षम करने और चुनावी प्रक्रिया में भरोसा बनाए रखने के लिए ऐसी जानकारी का शीघ्र जारी होना बहुत अहम है. उन्होंने चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बिना किसी देरी के अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर वोटिंग परसेंटेज डिटेल और पोस्टल बैलेट डेटा प्रकाशित करने का भी आह्वान किया.

केरल में 140 विधानसभा सीटों पर 883 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो चुकी है. मुख्य मुकाबला कांग्रेस की अगुवाई वाले UDF और वाम मोर्चा की LDF के बीच माना जा रहा है. साथ ही बीजेपी की अगुवाई वाला एनडीए भी कई सीटों पर कड़ी टक्कर दे सकता है. विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.

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