​पटना। बिहार में अप्रैल के महीने में ही मौसम ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश का एक हिस्सा जहां भीषण गर्मी और झुलसाने वाली पछुआ हवाओं की चपेट में है, वहीं दूसरी ओर कुछ जिलों में हुई छिटपुट बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत दी है। बांका और जमुई में कल शाम हुई अचानक बारिश ने तपते वातावरण में ठंडक घोल दी, जिससे स्थानीय निवासियों को उमस और तपिश से बड़ी राहत मिली है।

​सीमांचल में बारिश का ‘येलो अलर्ट’

​मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बारिश का अगला केंद्र अब बिहार का सीमांचल क्षेत्र रहने वाला है। आज अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से 18 और 19 अप्रैल के लिए इन क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, बादलों की आवाजाही के साथ मेघगर्जन और वज्रपात (बिजली गिरने) की भी आशंका है। हालांकि यह बारिश बहुत व्यापक नहीं होगी, लेकिन इससे पारा गिरने की उम्मीद है।

​दक्षिण बिहार में गर्मी का तांडव: डेहरी सबसे गर्म

​एक तरफ जहां उत्तर-पूर्वी बिहार भीगने की तैयारी में है, वहीं मध्य और दक्षिण बिहार सूरज की आग में जल रहा है। गुरुवार को रोहतास का डेहरी इलाका राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा औरंगाबाद, गया और पटना सहित कई जिलों में पारा 40 डिग्री के पार बना हुआ है। शुष्क और गर्म पछुआ हवाओं ने वातावरण में ऐसी जलन पैदा कर दी है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है।

​कल से चलेगी भीषण लू

​मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों के बाद स्थिति और भी गंभीर होने की चेतावनी दी है। 18 अप्रैल से बिहार के कई हिस्सों में भीषण लू चलने की प्रबल आशंका है। बक्सर, रोहतास, कैमूर, भोजपुर, औरंगाबाद और गया जैसे जिलों में हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बेवजह घरों से बाहर न निकलें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।

​सावधानी ही बचाव है

​डॉक्टरों और मौसम वैज्ञानिकों ने भीषण गर्मी को देखते हुए ‘हीट स्ट्रोक’ से बचने की हिदायत दी है। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, सिर को ढककर रखने और ओआरएस (ORS) या नींबू-पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। किसान भाइयों को भी सलाह दी गई है कि वे वज्रपात के अलर्ट को देखते हुए खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।