पटना। बिहार की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस इस समय गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। फेफड़ों में संक्रमण के कारण उन्हें पटना के कंकड़बाग स्थित एक निजी अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है, जहां वे वर्तमान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
पशुपति पारस की स्थिति: वेंटिलेटर पर संघर्ष
डॉक्टरों के अनुसार, पशुपति पारस के फेफड़ों में संक्रमण काफी बढ़ गया है, जिससे उनके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिर गया है। इसी वजह से उन्हें कृत्रिम श्वसन पर रखा गया है। PMCH के वरिष्ठ डॉक्टर आनंद कुमार की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। उनकी पत्नी शोभा देवी ने बताया कि हालांकि स्थिति में मामूली सुधार है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
पुरानी बीमारी ने फिर बढ़ाई परेशानी
पशुपति पारस को सांस लेने की समस्या काफी पुरानी है। लगभग 10 साल पहले उनके सीने का बड़ा ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद भी वे संक्रमण की चपेट में आए थे। पिछले कई वर्षों से वे डॉक्टर की सलाह पर रोजाना स्टीम ले रहे थे। 13 अप्रैल की रात अचानक तबीयत बिगड़ने और चक्कर आने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
भावुक मिलन: चिराग पासवान ने निभाई ‘बेटे’ की जिम्मेदारी
राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर, लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान अपने चाचा का हाल जानने दो बार अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के बेड पर अपने भतीजे को देखकर पशुपति पारस भावुक हो गए और उन्हें गले लगा लिया। चिराग ने स्पष्ट किया कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन पशुपति पारस उनके लिए पिता समान हैं। उन्होंने कहा, मैं यहां एक बेटे के तौर पर अपने अभिभावक का हाल जानने आया हूं।
पारिवारिक रिश्तों की नई तस्वीर
2021 में लोक जनशक्ति पार्टी के दो फाड़ होने के बाद चाचा-भतीजे के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। लेकिन इस संकट की घड़ी में चिराग ने डॉक्टरों से बात कर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का आग्रह किया और सोशल मीडिया पर चाचा के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। यह मुलाकात बिहार की राजनीति में एक भावुक मोड़ के रूप में देखी जा रही है।
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