पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार अब कानून के घेरे में हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
1.10 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा
सतर्कता इकाई की जांच में यह सामने आया है कि राजीव कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर काली कमाई की है। SVU के अनुसार, उनके पास उनकी वैध आय के स्रोतों से लगभग 1 करोड़ 10 लाख 24 हजार 271 रुपये अधिक की संपत्ति पाई गई है। इसी वित्तीय अनियमितता को आधार बनाकर विभाग ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया है।
तीन ठिकानों पर एक साथ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
बुधवार की सुबह SVU की विशेष टीमों ने राजीव कुमार के तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की:
- पटना (रामनगरी): सुमित गृहम अपार्टमेंट के वेस्ट ब्लॉक स्थित फ्लैट नंबर- B 202, जहां वे सपरिवार रहते हैं।
- दानापुर (खगौल रोड): लैंडमार्क गोल्ड का फ्लैट नंबर 807, जिसे उनकी गुप्त संपत्ति का हिस्सा माना जा रहा है।
- सरकारी दफ्तर: पटना स्थित पंत भवन के छठे तल पर उनका कार्यालय, जहां दस्तावेजों की सघन तलाशी ली जा रही है।
दस्तावेजों और निवेश की जांच जारी
फिलहाल तीनों स्थानों पर छापेमारी जारी है। टीम बैंक खातों, जमीन के कागजात और अन्य निवेशों को खंगाल रही है। माना जा रहा है कि छापेमारी खत्म होने तक बरामदगी का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। इस कार्रवाई ने विभाग के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
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