पटना। राजधानी में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे मोबाइल ऐप के जरिए शिकार ढूंढ रहे हैं। ताजा मामला पटना-बख्तियारपुर फोरलेन का है, जहां रैपिडो बाइक बुक करने के बहाने अपराधियों ने चालक को ही अपना निशाना बना लिया। दिनदहाड़े हुई इस लूट की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी थी, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है।

​सवारी बनकर आए और लूट ली बाइक

घटना की शुरुआत 16 अप्रैल को बैरिया बस स्टैंड से हुई। दो बदमाशों ने बख्तियारपुर जाने के लिए रैपिडो ऐप का सहारा लिया। चालक हर्ष गुप्ता को जरा भी भनक नहीं थी कि उनके पीछे बैठे यात्री असल में अपराधी हैं। जैसे ही बाइक खुसरूपुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर स्थित एक सुनसान कच्ची सड़क पर पहुंची, पीछे बैठे बदमाशों ने हर्ष की कनपटी पर पिस्टल सटा दी। अपराधियों ने चालक को जान से मारने की धमकी दी और उससे उसकी सुपर स्प्लेंडर बाइक, मोबाइल, हेलमेट और पर्स लूटकर फरार हो गए।

​पुलिस की जालसाजी और गिरफ्तारी

वारदात के बाद पीड़ित चालक ने तुरंत खुसरूपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। शनिवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वही दो संदिग्ध युवक बैरिया बस स्टैंड के पास किसी अन्य बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

​अपराधियों का पुराना रिकॉर्ड

रविवार को फतुहा एसडीपीओ-1 अवधेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी पेशेवर हैं। पकड़े गए बदमाशों की पहचान निखिल चौहान उर्फ विक्की (38) और अभिनीत कुमार (39) के रूप में हुई है। विक्की का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह 2017 में कटिहार के एक बड़े लूट कांड में जेल जा चुका है। वहीं अभिनीत भी कई हिंसक वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस ने इनके पास से लूटी हुई बाइक, हेलमेट के अलावा एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने एक बड़े गिरोह के नेटवर्क को तोड़ने में सफलता हासिल की है।