Lifestyle Desk – गर्मियों के मौसम में पसीना आना एक आम सामान्य है, लेकिन जब यही पसीना बदबू का कारण बनने लगे तो यह असहज स्थिति पैदा कर देता है, और लाए बारबोस्की वजह से शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ता है. ऑफिस, कॉलेज या किसी भी सोशल प्लेस पर ऐसी समस्या सेल्फ कॉंफिडेंस को कम कर देती है और इससे बचने के लिए लोग महंगे डियोड्रेंट और परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कई बार इनका असर ज्यादा देर तक नहीं रहता. अगर आप भी पसीने की बदबू से परेशान हैं, तो एक आसान और घरेलू उपाय आपकी मदद कर सकता है – नहाने के पानी में एक खास चीज मिलाकर.

नीम की पत्तियाँ और फिटकरी

नहाने के पानी में नीम की पत्तियां या फिटकरी मिलाना इस समस्या से राहत दिला सकता है. फिटकरी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा पर मौजूद उन बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं जो पसीने की बदबू का कारण बनते हैं. वहीं, नीम प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है, जो त्वचा को साफ और ताजगी से भर देता है.

इस तरह से करें इस्तेमाल

इस उपाय को अपनाने के लिए आप एक बाल्टी पानी में एक छोटा टुकड़ा फिटकरी डालकर उसे कुछ देर के लिए छोड़ दें ताकि उसके गुण पानी में घुल जाएं. इसके बाद इस पानी से नहा लें. अगर आप नीम का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो नीम की पत्तियों को पानी में उबाल लें और उसे ठंडा करके नहाने के पानी में मिला लें. रोजाना ऐसा करने से शरीर की दुर्गंध धीरे-धीरे कम होने लगती है.

इसके अलावा, नहाने के दौरान बगल, गर्दन और पैरों जैसे हिस्सों की अच्छी तरह सफाई करना भी जरूरी है, क्योंकि यही जगहें पसीने और बैक्टीरिया के जमाव की मुख्य वजह बनती हैं. हल्के एंटीबैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करने से भी बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.

खान पान का भी रखना होता है ध्यान

सिर्फ बाहरी उपाय ही नहीं, बल्कि खानपान का भी इस समस्या पर असर पड़ता है. ज्यादा मसालेदार और तैलीय भोजन पसीने की गंध को बढ़ा सकता है, इसलिए अपने डाइट में फल, सब्जियां और पर्याप्त पानी शामिल करना चाहिए. शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और बदबू कम होती है.

सही कपड़े चुनें

कपड़ों का चुनाव भी इस मामले में अहम भूमिका निभाता है. सिंथेटिक कपड़ों की बजाय कॉटन जैसे हल्के और सांस लेने वाले फैब्रिक पहनने से पसीना कम आता है और बदबू भी नियंत्रित रहती है. साथ ही, रोजाना साफ कपड़े पहनना और पसीने वाले कपड़ों को दोबारा बिना धोए इस्तेमाल न करना भी जरूरी है.