देश की धार्मिक राजधानी अयोध्या में उत्तराखण्ड सरकार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है. अयोध्या-फैजाबाद हाईवे (Ayodhya-Faizabad Highway,) पर प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह (State Guest House) अब हकीकत का रूप लेता दिख रहा है. लगभग 54 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में बनने वाला यह विशाल परिसर उत्तराखण्ड (Uttarakhand) से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक भरोसेमंद ठिकाना बनेगा. सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार के स्थलीय निरीक्षण के बाद परियोजना के क्रियान्वयन ने रफ्तार पकड़ ली है. इस महत्वाकांक्षी योजना के पीछे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्पष्ट सोच और परिणामोन्मुख कार्यशैली दिखाई देती है.
मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास से जोड़ने की जो रणनीति बनाई है, यह परियोजना उसी की एक मजबूत कड़ी है. चारधाम यात्रा को बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं से जोड़ने के बाद अब सरकार अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भी उत्तराखण्ड की पहचान स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है. प्रस्तावित अतिथि गृह की लोकेशन इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है. श्रीराम मंदिर से करीब 6.60 किलोमीटर और फैजाबाद शहर से 6.40 किलोमीटर की दूरी इसे अत्यंत सुविधाजनक बनाती है. अयोध्या एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी इसे देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए भी सुलभ बनाती है.
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इस परियोजना की खासियत यह है कि इसे केवल वीआईपी सुविधाओं तक सीमित नहीं रखा गया है. आम श्रद्धालुओं के लिए किफायती दरों पर ठहरने की व्यवस्था इस योजना को जन-हितैषी बनाती है. चारधाम यात्रा की तर्ज पर यहां भी उत्तराखण्ड के श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिलेगा. इससे अयोध्या यात्रा के दौरान ठहरने की समस्या काफी हद तक कम होगी और यात्रा अधिक सुगम बनेगी. सरकार की योजना इस अतिथि गृह को केवल ठहरने तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसे उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान के केंद्र के रूप में विकसित करने की है. यहां लोक कला, लोक संगीत, पारंपरिक उत्सव और सरस मेले जैसे आयोजन किए जाएंगे.
सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार अतिथि गृह सीएम धामी की दूरदर्शी सोच और प्रभावी कार्ययोजना का सशक्त उदाहरण है. यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि उत्तराखण्ड को देश के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर नई मजबूती के साथ स्थापित करेगी.
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