पटना। ​बिहार सरकार ने राज्य की प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के कई वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस फेरबदल में राजभवन, सचिवालय और जिला प्रशासन के स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य इन नियुक्तियों के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाना है।

​मो. सोहेल को सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी

​अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में तैनात रहे आईएएस अधिकारी मो. सोहेल के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है। उन्हें अब सामान्य प्रशासन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, वे जांच आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी का निर्वहन भी करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग राज्य सरकार के नीतिगत और प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ माना जाता है।

​राजभवन के सचिवालय में नए सचिव की नियुक्त

​प्रशासनिक बदलाव की इस कड़ी में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन राज्यपाल सचिवालय में देखने को मिला है। 2007 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारी गोपाल मीणा, जो अब तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे, उन्हें अब राज्यपाल के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। उनकी काबिलियत को देखते हुए सरकार ने उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है।

​ गोपाल मीणा बने राज्यपाल के सचिव

रॉबर्ट एल. चोंग्थु को अल्पसंख्यक कल्याण की कमान

​1997 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रॉबर्ट एल. चोंग्थु, जो अब तक राज्यपाल के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उन्हें अब अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। यह विभाग राज्य के अल्पसंख्यक समुदायों के उत्थान और उनसे जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं के संचालन के लिए उत्तरदायी है। चोंग्थु का व्यापक अनुभव इस विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

रॉबर्ट एल. चोंग्थु प्रधान सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बनाए गए

​​ शैलेन्द्र कुमार को लखीसराय का डीएम बनाया गया

शैलेन्द्र कुमार बने लखीसराय के नए डीएम

​जिला स्तर पर हुए बदलाव में 2013 बैच के आईएएस अधिकारी शैलेन्द्र कुमार का नाम प्रमुख है। कृषि विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे शैलेन्द्र कुमार को अब लखीसराय जिले का नया जिलाधिकारी (DM) और जिला दंडाधिकारी नियुक्त किया गया है। लखीसराय की कानून-व्यवस्था और स्थानीय विकास को गति देना अब उनकी प्राथमिकता होगी।