अजय सैनी ,भिवानी। हरियाणा में प्राइवेट बस संचालकों द्वारा नियमों की अनदेखी और यात्रियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार को लेकर एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) जिला समिति ने सख्त आपत्ति जताई है। इस संबंध में मंगलवार को संगठन ने हरियाणा सरकार के परिवहन मंत्री के नाम एक ज्ञापन आरटीए भिवानी को सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्राइवेट बस संचालक पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तथा सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए वरिष्ठ नागरिकों और छात्र-छात्राओं को मिलने वाली किराया रियायत लागू नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय उनसे पूरा किराया वसूला जा रहा है और विरोध करने पर दुर्व्यवहार भी किया जा रहा है।
जानें क्या है मामला
एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के जिला सचिव रोहताश सैनी ने बताया कि 28 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 9 बजे तोशाम बस स्टैंड पर एक बस में सवार वरिष्ठ नागरिकों के साथ बदसलूकी की गई। आरोप है कि बस स्टाफ ने रियायती टिकट देने से इनकार करते हुए पूरा किराया मांगा और नियमों का हवाला देने पर यात्रियों को बस से नीचे उतारने की धमकी दी गई।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं नियमों की खुलेआम अवहेलना हैं और इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी इस मनमानी का विरोध किया।
प्राइवेट बस का परमिट तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली संबंधित प्राइवेट बस का परमिट तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा दोषी बस संचालकों पर सख्त आर्थिक दंड लगाया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश भर में हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों को किराया रियायत का लाभ नियमित रूप से मिले।
रोहताश सैनी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस मौके पर राजकुमार बासिया, रोहतास सिंह, तेलु राम, फूल चंद और राजेराम भी उपस्थित रहे।

