Alwar News: राजस्थान के अलवर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने शिक्षा विभाग और मिड-डे-मील की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रामगढ़ उपखंड के नंगली गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के लिए आई दाल में एक मरा हुआ चूहा तैरता मिला। गनीमत रही कि मासूमों ने खाना शुरू नहीं किया था, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

थाली में सजने ही वाली थी दाल, तभी दिखा चूहा

मामला सोमवार का है, जब स्कूल में मिड-डे-मील बांटने की तैयारी चल रही थी। जैसे ही बच्चों ने दाल के कंटेनर के ऊपर से प्लेट हटाई, उनकी चीख निकल गई। दाल के अंदर एक मरा हुआ चूहा पड़ा था। बच्चों ने तुरंत इसकी जानकारी शिक्षकों को दी। आनन-फानन में खाने का वितरण रोका गया और दाल के उस डिब्बे को बाकी सामान से दूर किया गया। स्कूल स्टाफ ने तुरंत इसकी फोटो खींची और उच्च अधिकारियों को फोन घुमाया।

जांच करने पहुंचे अधिकारी, एनजीओ और स्कूल में ठनी

घटना की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) देवेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ नंगली स्कूल पहुंचे। फिलहाल पूरा मामला आरोप-प्रत्यारोप में उलझा हुआ है। मिड-डे-मील सप्लाई करने वाले क्यूआरजी फाउंडेशन (हैवेल्स कंपनी) के प्रतिनिधि का कहना है कि उनकी ओर से खाना सही था, लापरवाही स्कूल स्तर पर हुई है।पोषाहार प्रभारी और शिक्षकों का कहना है कि एनजीओ की गाड़ी से दाल सीधे कंटेनर में पलटी गई थी और उसे तुरंत ढंक दिया गया था। दाल निकालते समय ही चूहा ऊपर आ गया।

दोषियों पर गिरेगी गाज

जिला शिक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह ने मौके पर मौजूद रजिस्टर और खाने की गुणवत्ता की जांच की है। उन्होंने कहा कि यह बच्चों की सेहत से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है। इसकी बारीकी से जांच की जा रही है कि चूहा एनजीओ के किचन से आया या स्कूल में गिरा। जिस भी स्तर पर लापरवाही मिलेगी, उसे बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई तय है।

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