अनमोल मिश्रा, सतना। वन स्टॉप सेंटर से तीन नाबालिग लड़कियों के फरार होने के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। इस फरारी के पीछे किसी ‘बाहरी मददगार’ की भूमिका की आशंका गहरा गई है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि लड़कियां अकेले नहीं हैं, बल्कि उनके साथ कोई ऐसा व्यक्ति है जिसका मोबाइल कॉल के लिए इस्तेमाल किया गया है।

एक कॉल और फिर रहस्यमयी खामोशी

वन स्टॉप सेंटर की खिड़की तोड़कर भागने के कई घंटों बाद, सोमवार रात करीब 9 बजे बिजनौर वाली लड़की ने सतना रेलवे स्टेशन से अपने चाचा को फोन किया। फोन पर लड़की ने बस इतना कहा कि वह देहरादून जा रही है। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना जिला कल्याण समिति (CWC) और पुलिस को दी। लेकिन जैसे ही पुलिस ने उस नंबर पर वापस फोन लगाया, वह स्विच्ड ऑफ मिला।

सर्विलांस पर डाला मोबाइल

पुलिस ने जब उस नंबर को साइबर सेल के माध्यम से सर्विलांस पर डाला तो लोकेशन सतना और जबलपुर के बीच मिला। पुलिस के मुताबिक बच्चियों के पास किसी भी तरह का मोबाइल नहीं था। जिस मोबाइल से कॉल आया है वह किसी अन्य शख्स का है।

रातभर स्कूल में छिपी रहीं, दिनभर सड़कों पर घुमा

हैरानी की बात यह है कि सेंटर से भागने के बाद तीनों किशोरियां रात भर कन्या धवारी स्कूल के परिसर में ही छिपी रहीं। सुबह 7:30 बजे स्कूल खुलने से पहले वे वहां से निकल गईं। पूरे दिन वे सतना शहर में ही घूमती रहीं और रात होते ही रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन पकड़ ली।

वन स्टॉप सेंटर का गार्ड बर्खास्त, खिड़कियां सील

इस बड़ी सुरक्षा चूक के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। ड्यूटी में ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले गार्ड सत्यनारायण मिश्रा को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं खिड़कियों पर भी पक्की दीवार खड़ी की जा रही है।

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