दिल्ली में वर्ष 1997 के चर्चित उपहार अग्निकांड (Uphaar Cinema fire tragedy) 1997 मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमोद कंठ (Amod Kanth) के खिलाफ केस बंद करने की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कोशिश अब अदालत की निगरानी में आ गई है। CBI द्वारा केस बंद करने के प्रयास को दिल्ली की एक अदालत ने न्यायिक जांच के दायरे में लेते हुए एजेंसी को निर्देश दिया है कि वह 1 जून तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करे। यह मामला 13 जून 1997 को ग्रीन पार्क स्थित उपहार सिनेमा में हुई उस भीषण आग से जुड़ा है, जिसमें फिल्म ‘बॉर्डर’ के प्रदर्शन के दौरान आग लगने से 59 लोगों की मौत हो गई थी।

आरोप है कि तत्कालीन उपायुक्त के रूप में अमोद कंठ ने 1970 के दशक के अंत में उपहार सिनेमा हॉल में अतिरिक्त सीटों की अनुमति दी थी। कहा जाता है कि इस बदलाव के कारण गलियारे संकरे या बाधित हो गए, जो बाद में बेहद घातक साबित हुए। 13 जून 1997 को ग्रीन पार्क स्थित उपहार सिनेमा में फिल्म ‘बॉर्डर’ के प्रदर्शन के दौरान आग लगने से धुआं तेजी से फैल गया था।

2023 में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की थी कार्यवाही

यह मामला वर्षों में कई उतार-चढ़ाव से गुजरते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। 20 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत की कार्यवाही को रद्द कर दिया था। अदालत ने यह निर्णय अभियोजन चलाने के लिए आवश्यक मंजूरी के अभाव के आधार पर दिया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया था कि उसका आदेश सक्षम प्राधिकारी द्वारा मामले में निर्णय लेने या कानून के अनुसार आरोपी के खिलाफ मंजूरी देने में किसी तरह की बाधा नहीं बनेगा। इस टिप्पणी के बाद अब मामला एक बार फिर नए चरण में पहुंच गया है, जहां CBI द्वारा केस बंद करने के प्रयास को लेकर अदालत ने स्थिति रिपोर्ट मांगी है।

CBI ने क्या कहा?

CBI ने हाल ही में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट टी प्रियदर्शनी की अदालत में अपनी 2009 की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करने का आग्रह किया। एजेंसी ने यह भी कहा कि वह इस मामले में अभियोजन की मंजूरी (sanction) नहीं मांग रही है। इस याचिका का विरोध Association of Victims of Uphaar Tragedy (AVUT) की अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति ने किया। उन्होंने 23 अप्रैल को दलील दी कि मामले को बंद करना न्याय के हित में नहीं है, क्योंकि इसमें गंभीर लापरवाही के आरोप जुड़े हैं। नीलम कृष्णमूर्ति ने इस हादसे में अपने दो किशोर बच्चों को खो दिया था। दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने CBI को निर्देश दिया कि वह इस मामले में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करे। साथ ही मामले की अगली सुनवाई 1 जून के लिए निर्धारित कर दी गई है।

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