कुंदन कुमार/पटना। बिहार में बेहतर कानून-व्यवस्था और अपराध मुक्त समाज का सपना अब धरातल पर उतरता दिख रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कड़े रुख के बाद सूबे की पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में है। राजधानी पटना समेत तमाम जिलों में पुलिस की सक्रियता इस बात की तस्दीक कर रही है कि अब अपराधियों की खैर नहीं है।

​मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश: अपराध पर ‘जीरो टॉलरेंस’

​हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों (SP) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट लहजे में निर्देश दिया कि बिहार में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का सख्ती से पालन होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जनता की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाना और जनता के मन में कानून के प्रति विश्वास पैदा करना था।

​पटना की सड़कों पर ‘हाई अलर्ट’

​मुख्यमंत्री के निर्देश के 24 घंटे के भीतर ही राजधानी पटना की तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है। पटना की सड़कों पर पुलिस की चौकसी कई गुना बढ़ा दी गई है। शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर गलियों तक में बैरिकेडिंग कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के जवान मुस्तैदी से हर आने-जाने वाले वाहन की तलाशी ले रहे हैं। केवल वाहनों के कागजात ही नहीं, बल्कि संदिग्ध लग रहे लोगों के बैग और सामान की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

​स्थानीय पुलिस का कड़ा रुख और सुरक्षा जांच

​ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना उनकी पहली प्राथमिकता है। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और देर रात तक गश्त बढ़ाई गई है। स्थानीय पुलिस का मानना है कि इस तरह की चौकसी से न केवल अपराधियों के मन में खौफ पैदा होगा, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सकेगा। आम जनता ने भी पुलिस की इस सक्रियता का स्वागत किया है, क्योंकि इससे उन्हें सुरक्षा का अहसास हो रहा है।