क्या 11:41 बजे आपके फोन पर भी बजने लगा सायरन? घबराएं नहीं, यह है 'अलर्ट मैसेज'
क्या 11:41 बजे आपके फोन पर भी बजने लगा सायरन? घबराएं नहीं, यह है 'अलर्ट मैसेज'
आज 2 मई 2026 को दोपहर करीब 11 बजकर 41 मिनट
पर देशभर के करोड़ों लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक एक तेज आवाज के साथ इमरजेंसी अलर्ट आया.
आज 2 मई 2026 को दोपहर करीब 11 बजकर 41 मिनट
पर देशभर के करोड़ों लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक एक तेज आवाज के साथ इमरजेंसी अलर्ट आया.
बहुत से लोग घबरा गए कुछ ने सोशल मीडिया पर पूछना शुरू कर दिया कि यह क्या हो रहा है? लेकिन यह कोई असली खतरा नहीं था.
बहुत से लोग घबरा गए कुछ ने सोशल मीडिया पर पूछना शुरू कर दिया कि यह क्या हो रहा है? लेकिन यह कोई असली खतरा नहीं था.
यह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी
NDMA
का एक नेशनवाइड टेस्ट था जो सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम को परखने के लिए किया गया.
यह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी
NDMA
का एक नेशनवाइड टेस्ट था जो सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम को परखने के लिए किया गया.
फोन की स्क्रीन पर "Extremely Severe Alert" लिखा आया और साथ में संदेश था
फोन की स्क्रीन पर
"Extremely Severe Alert"
लिखा आया और साथ में संदेश था
संदेश में साफ लिखा था कि यह एक परीक्षण संदेश है और जनता को कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है. संदेश भारत सरकार की तरफ से जारी था.
संदेश में साफ लिखा था कि यह एक परीक्षण संदेश है और जनता को कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है. संदेश भारत सरकार की तरफ से जारी था.
सरकार का मकसद यह जांचना था कि आपदा के वक्त लोगों तक तुरंत जरूरी जानकारी पहुंचाने का यह सिस्टम कितना कारगर है.
सरकार का मकसद यह जांचना था कि आपदा के वक्त लोगों तक तुरंत जरूरी जानकारी पहुंचाने का यह सिस्टम कितना कारगर है.
इस टेस्ट में स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया जिसे भारत ने खुद विकसित किया है.
इस टेस्ट में स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया जिसे भारत ने खुद विकसित किया है.
तेलंगाना सहित कई राज्यों के अग्निशमन और आपदा प्रबंधन विभागों ने भी इस बारे में पहले से लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेस नोट जारी किए थे.
तेलंगाना सहित कई राज्यों के अग्निशमन और आपदा प्रबंधन विभागों ने भी इस बारे में पहले से लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेस नोट जारी किए थे.
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