कलायत से पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी अनीता ढुल ने अपने समर्थकों और खाप पंचायतों की सहमति से भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने कांग्रेस पर महिला आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया है।
सूबे सिंह मोर, कैथल। कलायत हल्का से पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी और महिला नेत्री अनीता ढुल बढ़सीकरी ने शनिवार को अनाज मंडी स्थित राकेश प्रतिष्ठान पर अपने और राजेश अंबरसर के सम्मान समारोह के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन और भाजपा की जनकल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर लिया गया है। इस दौरान अनीता ढुल ने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि कलायत क्षेत्र की जनता की सेवा और विकास को नई गति देने के लिए है।
कांग्रेस पर निशाना और महिला आरक्षण का मुद्दा
सम्मान समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए अनीता ढुल ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक दशक से अधिक समय तक कांग्रेस में रहने के बावजूद वहां केवल अंधेरे में तीर चलाने जैसा काम होता रहा। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का विरोध करने को उनका महिला विरोधी आचरण बताया। ढुल ने कहा कि भाजपा महिलाओं को मात्र वोट बैंक नहीं समझती, बल्कि उन्हें शासन में वास्तविक भागीदारी और सम्मान सुनिश्चित करवा रही है। उनके साथ आए राजेश अंबरसर ने भी बताया कि यह सामूहिक फैसला क्षेत्र की सभी जातियों और खाप पंचायतों के 26 हजार मतदाताओं के विश्वास के बाद लिया गया है।
कलायत की राजनीति में बड़ा फेरबदल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनीता ढुल और राजेश अंबरसर के भाजपा में शामिल होने से कलायत विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। अंबरसर ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि वे एक अनुशासित सिपाही के रूप में संगठन को मजबूत करने का कार्य करेंगे। अनीता ढुल का यह कदम क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पहल माना जा रहा है।

