पंजाबी सेवा सदन ने कैथल में अपनी मासिक सेवा परंपरा के तहत जरूरतमंदों को राशन बांटा। इसके साथ ही संस्था ने समाज सेवा के नए प्रकल्पों और जयंती समारोह की घोषणा की।

सूबे सिंह मोर, कैथल। पंजाबी सेवा सदन परिसर में रविवार, 3 मई को अपनी मासिक सेवा परंपरा के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सदन के प्रधान दर्शन परुथी ने की। हर माह के पहले रविवार को आयोजित होने वाले इस पुनीत कार्य में बड़ी संख्या में पात्र परिवारों ने भाग लिया। संस्था की इस पहल का उद्देश्य समाज के पिछड़े वर्गों को संबल प्रदान करना है, जो पिछले लंबे समय से निरंतर जारी है।

वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग और विकास कार्य

प्रधान दर्शन परुथी ने जानकारी देते हुए बताया कि मई माह की राशन सेवा के लिए सहयोग राशि संस्था के वरिष्ठ सदस्य भारत भूषण टक्कर और अनिल टक्कर द्वारा अपनी पूज्य माता स्व. श्रीमती बिमला रानी जी की पुण्य स्मृति में प्रदान की गई। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संस्था न केवल गरीबों को राशन दे रही है, बल्कि राष्ट्र हित और प्रशासन के सहयोग के लिए भी सदैव अग्रणी भूमिका निभाती है। इसके अतिरिक्त, सदन परिसर के सौंदर्यीकरण हेतु एक भव्य मुख्य द्वार का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है, जो इसी माह के अंत तक पूर्ण होने की संभावना है।

भावी योजनाएं और जयंती समारोह का आह्वान

संस्था के महासचिव संदीप मलिक और संयोजक चंद्रशेखर नरूला ने बताया कि सदन जल्द ही समाज हित में कुछ नए सेवा प्रकल्प शुरू करने जा रहा है। इसी कड़ी में, कंप्यूटर केंद्र का नया सत्र भी शीघ्र शुरू होगा, जहाँ सभी इच्छुक युवा मुफ्त में कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, आगामी 30 मई को सूर्यवंशी सम्राट अरुट जी महाराज के जन्मोत्सव पर आयोजित होने वाले जयंती समारोह के लिए सभी सदस्यों को सपरिवार आमंत्रित किया गया है, ताकि समाज में आपसी भाईचारे और एकजुटता को और अधिक मजबूती प्रदान की जा सके।

कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य संरक्षक इंद्रजीत सरदाना, सुधीर मेहता, भारत भूषण टक्कर, अशोक आर्य, सुभाष कथूरिया, सुरेश ऐलावादी, मोहिंद्र पपनेजा, नरेंद्र निझावन और अनिल टक्कर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ डॉ. पवन थरेजा, मोहिंद्र सोनी, अरविंद चावला, राजिंद्र आहूजा, सुनील चुघ, विनोद खंडूजा, सुरेश मदान, महेश धमीजा, राकेश मल्होत्रा, रामनारायण काला, जगदीश कटारिया, विशम्बर अरोड़ा, मनोहर लाल विरमानी और वरुण मदान ने भी कार्यक्रम में सहयोग कर इसे सफल बनाया।