पटना। राजधानी में अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पटना के पूर्वी इलाके में व्यापारियों के बीच दहशत फैलाने वाले और लूट की बड़ी साजिश रच रहे एक शातिर गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये अपराधी गायघाट पुल के नीचे एकत्रित होकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे, जिसे पुलिस की मुस्तैदी ने समय रहते विफल कर दिया।

​खुफिया इनपुट पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

​मामले की जानकारी देते हुए पूर्वी एसपी (SP East) परिचय कुमार ने बताया कि बिहार एसटीएफ (STF) को इन अपराधियों के मूवमेंट की गुप्त सूचना मिली थी। इस सटीक सूचना को साझा किए जाने के तुरंत बाद आलमगंज थाना पुलिस सक्रिय हुई और गायघाट पुल के नीचे छापेमारी की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से तीन अपराधियों शिवम कुमार, मोहम्मद साहिल और रवि को धर दबोचा।

​हथियार और कारतूस बरामद

​गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने एक लोडेड देशी पिस्टल, एक मैगजीन, चार जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इन अपराधियों से जब कड़ी पूछताछ की गई, तो उनकी निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए छापेमारी तेज कर दी।

​घेराबंदी देख झाड़ियों में फेंका हथियार

​गिरफ्तार बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस की एक टीम ने मितन घाट इलाके में दबिश दी। वहां से अंकित कुमार और मोहम्मद फैजान को गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि अंकित ने जैसे ही पुलिस की गाड़ी देखी, उसने पकड़े जाने के डर से अपने पास मौजूद हथियार को पास की झाड़ियों में फेंक दिया था। हालांकि, पक्के इनपुट के आधार पर पुलिस ने तलाशी ली और हथियार बरामद कर लिया। इनके पास से एक देशी कट्टा और चार अतिरिक्त जिंदा कारतूस भी मिले हैं।

​अपराधिक इतिहास और रंगदारी का मामला

​एसपी परिचय कुमार ने बताया कि इस गिरोह का काफी लंबा अपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मुख्य आरोपी अंकित पहले भी हत्या और शराब तस्करी जैसे गंभीर मामलों में जेल की हवा खा चुका है, वहीं मोहम्मद फैजान आर्म्स एक्ट के मामले में जेल जा चुका है।
​सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह गिरोह हाल के दिनों में पटना सिटी इलाके के व्यापारियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि इन बदमाशों ने दो-तीन स्थानीय व्यापारियों से मोटी रकम की रंगदारी मांगी थी। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन व्यापारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। जेल से बाहर आने के बाद ये अपराधी फिर से एक साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देने की कोशिश में जुटे थे।