Rajasthan News: राजस्थान की चर्चित कलेक्टर टीना डाबी इन दिनों एक्शन मोड में हैं। मंगलवार की पूरी रात टीना डाबी ने टोंक के ककोड़ गांव में गुजार दी, लेकिन यह कोई सैर-सपाटा नहीं बल्कि जनता की समस्याओं का मौके पर निपटारा करने वाली रात्रि चौपाल थी।

गांव की चौपाल पर जब कलेक्टर ने अपनी फाइलें खोलीं, तो बिजली, पानी और सड़क की शिकायतों का अंबार लग गया। करीब 4 घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में 90 से ज्यादा शिकायतों का टीना डाबी ने हाथों-हाथ समाधान कर दिया। लेकिन इस चौपाल में असली धमाका तब हुआ जब स्थानीय बीजेपी विधायक ने अधिकारियों के सामने ही वन विभाग की पोल खोलकर रख दी।

विधायक ने रेंजर को घेरा, बजरी माफिया से साठ-गांठ के आरोप

रात्रि चौपाल में देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर भी मौजूद थे। बैठक के दौरान विधायक ने वन विभाग के रेंजर पंकज शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए माहौल गरमा दिया। विधायक ने सीधे तौर पर कहा कि रेंजर और अन्य कर्मचारियों की बजरी माफियाओं से गहरी साठ-गांठ है। विधायक ने दावा किया कि उनके पास इसके वीडियो और फोटो सबूत भी मौजूद हैं। उन्होंने टीना डाबी के सामने गुस्से में कहा, खेत से मिट्टी उठाने वाले गरीब किसानों पर तो मुकदमे दर्ज हो जाते हैं, लेकिन अवैध बजरी खनन करने वालों को विभाग का खुला संरक्षण मिल रहा है।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी

चौपाल में शिकायतों का अंबार देख मौके पर मौजूद एडीएम, एसडीएम और सभी विभागों के आला अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा, ग्रामीणों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। समस्याओं का समाधान ग्रामीण स्तर पर ही सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों को लटकाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रेंजर की सफाई और विभाग का जांच का वादा

विधायक के आरोपों के बाद रेंजर पंकज शर्मा कलेक्टर के सामने सफाई देते नजर आए, लेकिन विधायक के पास मौजूद सबूतों ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं। मौके पर मौजूद उपवन संरक्षक अनुराग महर्षि ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीना डाबी को आश्वासन दिया कि रेंजर और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जांच कराई जाएगी। टोंक प्रशासन की इस सक्रियता ने एक तरफ ग्रामीणों को राहत दी है, तो दूसरी तरफ लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया है।

पढ़ें ये खबरें