मुजफ्फरपुर। जिले से एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। पियर थाना क्षेत्र में 29 अप्रैल की रात हुई मो. नौशाद आलम की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इस मर्डर के पीछे अवैध संबंध, पैसों का विवाद और बिजली कनेक्शन को लेकर चल रही रंजिश मुख्य कारण थी।

​30 अप्रैल को बरामद हुआ था शव

​घटना की शुरुआत 30 अप्रैल की सुबह हुई, जब गोविंदपुर छपरा इलाके में एक मकई के खेत से नौशाद आलम का शव बरामद किया गया। शव के पास ही उसकी मोटरसाइकिल भी पड़ी मिली थी, जिससे शुरुआत में मामला संदिग्ध लग रहा था। नौशाद मूल रूप से वैशाली जिले का रहने वाला था, लेकिन वह पियर थाना क्षेत्र में अपने ससुराल के पास ही चिकन शॉप चलाता था।

​जांच के लिए बनी विशेष टीम

​मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। मृतक की पत्नी नाजमी प्रवीण द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने तकनीकी और मानवीय इनपुट के जरिए आरोपियों की घेराबंदी शुरू की।

​अवैध संबंध और रुपयों का विवाद बना काल

​पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। गिरफ्तार आरोपियों मोहम्मद सिराज, मोहम्मद असरफ और मोहम्मद सहाबुद्दीन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। जांच में पता चला कि नौशाद का मुख्य आरोपी मो. सिराज की पत्नी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसके अलावा, आरोपियों और मृतक के बीच मकान की खरीद-बिक्री के पैसों के लेन-देन को लेकर पुराना विवाद था। बिजली कनेक्शन को लेकर भी दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी।

साजिश के तहत तार से घोंटा गला

आरोपियों ने पूरी योजना के तहत 29 अप्रैल की रात नौशाद को अपना निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बिजली के तार से गला घोंटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। मौके से पुलिस ने बिजली के तार, शराब की बोतलें, मोबाइल फोन और अन्य खाने-पीने का सामान बरामद किया है, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि हत्या से पहले वहां साजिश रची गई थी।