धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं छत्तीसगढ़ की ये खूबसूरत लोककलाएं

छत्तीसगढ़ की धरती सिर्फ जंगलों, पहाड़ों और खनिजों से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि इसकी असली पहचान यहां की बेहद खूबसूरत और अनूठी लोककथाओं में बसती है

सदियों से यहां के आदिवासी और ग्रामीण समाजों ने अपनी संस्कृति को गीतों, नृत्यों और शिल्प कलाओं के जरिए जिंदा रखा है

लेकिन कई ऐसी लोककलाए है जो हमारे बीच से धीरे-धीरे गायब होती जा रही हैं.

धनकुल गीत और वाद्ययंत्र

गोंड भित्ति चित्र- दीवारों पर उकेरी जाने वाली कला

घडवा और झारा शिल्प

पंडवानी की वेदमती शैली

सुआ और डंडा नृत्य