विलुप्त होती लोक संस्कृति को संजोना और मातृशक्ति को सशक्त बनाना तीज महोत्सव का उद्देश्य : चरणदास महाराज
अजय सैनी भिवानी,
स्थानीय हनुमान जोहड़ी धाम के नरसिंह मन्दिर प्रांगण में चतुर्थ हरियाली तीज मेला महोत्सव के भव्य आयोजन को लेकर सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मंदिर के महंत बालयोगी चरणदास महाराज ने की। बैठक में आगामी 14, 15 और 16 अगस्त को आयोजित होने वाले तीन दिवसीय महोत्सव की तैयारियों, व्यवस्थाओं तथा कार्यक्रमों की रूपरेखा पर गहन चर्चा की गई।
यह महोत्सव युवा जागृति एवं जन कल्याण मिशन ट्रस्ट के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद सभागार, हनुमान जोहड़ी धाम मंदिर में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर बालयोगी महंत बालयोगी चरणदास महाराज ने कहा कि हरियाली तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा का प्रतीक है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हमारी विलुप्त होती लोक संस्कृति को संजोना और मातृशक्ति को सशक्त बनाने के लिए उन्हें एक सुदृढ़ मंच प्रदान करना है।
महंत ने महोत्सव के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए आगे कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं सनातन धर्म से जोडऩा तथा तीज पर्व के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराना समय की मुख्य आवश्यकता है। इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में समरसता, भाईचारे और सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस महोत्सव में झूले, पारंपरिक स्टॉल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, विभिन्न प्रतियोगिताएं तथा महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष खेलों का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य नारी सशक्तिकरण, युवाओं को सनातन धर्म से जोडऩा और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर पुजारी ध्यान दास महाराज, धीरज सैनी, शिव कुमार चित्रकार, संदीप सैनी, घनश्याम शर्मा, सुनील अग्रवाल, बंटी योगाचार्य, सुशील गुप्ता, जयपाल परमार, दिनेश दाधीच, विद्या देवी, सरोज कौशिक, ज्योति, सुदेश, निशा सैनी, सरस सैनी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।


