कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एजी ऑफिस के पास बिना मान्यता और दस्तावेजों के अवैध रूप से संचालित हो रहे ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कार्रवाई के दौरान गंभीर खुलासे हुए हैं। मदरसे की जांच में हिंदू, ईसाई और यहूदियों के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ शिक्षा सामग्री बरामद की गई है, जिसे आयोग ने जब्त कर जांच में ले लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग की दबिश

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने सीडब्ल्यूसी (CWC) की टीम के साथ ग्वालियर के एजी ऑफिस के पास संचालित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे पर औचक दबिश दी थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि यह मदरसा पूरी तरह अवैध रूप से चलाया जा रहा था, जिसके पास संचालन से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज या मान्यता नहीं थी। निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम को मदरसे से ऐसी शिक्षा सामग्री मिली, जो कथित तौर पर हिंदू, ईसाई और यहूदी समुदायों के खिलाफ भड़काऊ और आपत्तिजनक थी। आयोग ने इस आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया है।

मध्यप्रदेश

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26 बच्चों का किया गया रेस्क्यू

अवैध और संदेहास्पद गतिविधियों के खुलासे के बाद बाल अधिकार संरक्षण आयोग और CWC की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मदरसे में मौजूद 08 बच्चियों और 18 बच्चों (कुल 26 बच्चों) को सुरक्षित रेस्क्यू किया। सीडब्ल्यूसी की टीम सभी बच्चों को अपने साथ सुरक्षित स्थान पर ले गई है, जहाँ उनकी काउंसलिंग और आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। प्रशासन अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि इस अवैध मदरसे का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा था और इस तरह की भड़काऊ सामग्री बच्चों को क्यों पढ़ाई जा रही थी। मामले में अन्य संलिप्त लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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