कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक (Yasin Malik) समेत सात आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में सभी सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। यह मामला कथित तौर पर हवाला के जरिए पाकिस्तानी प्रतिष्ठान से विदेशी फंडिंग प्राप्त करने से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मामले में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने अपराध से अर्जित करीब 8.94 करोड़ रुपये हासिल किए। जांच एजेंसी के आरोपों के आधार पर अदालत ने मामले में मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है।

हवाला के जरिए फंडिंग लेने का आरोप

ईडी के मुताबिक, यह मामला कथित तौर पर हवाला के माध्यम से धन प्राप्त करने और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने अवैध गतिविधियों से अर्जित धन हासिल किया। मामले में यासीन मलिक समेत सात लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

हवाला के जरिए फंडिंग लेने का आरोप

जांच एजेंसियों का आरोप है कि कथित तौर पर हवाला के माध्यम से प्राप्त धन का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया गया। इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच की गई। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।

IPC और UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप

इस मामले से जुड़े मूल प्रकरण में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), धारा 121 और 121ए के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराएं भी शामिल हैं। इन प्रावधानों में आपराधिक साजिश, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने या उससे संबंधित साजिश, आतंकवादी गतिविधियों, आतंकवाद के लिए धन जुटाने और प्रतिबंधित गतिविधियों से जुड़े अपराध शामिल हैं। अदालत के आदेश के बाद अब मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य और आरोपियों के पक्ष को लेकर कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ेगी। आरोपियों को कानून के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।

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