रायपुर। आदिवासी झामसिंग धुर्वे को फर्जी एनकाउंटर में मार गिराए जाने के मामले में मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन ने मध्यप्रदेश के डीजीपी, आईजी जबलपुर और बालाघाट एसपी को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह के अंदर इस मामले में विस्तृत प्रतिवेदन मांगा है।

यह है मामला

मामला 6 सितंबर का है, झामसिंग धुर्वे अपने भाई नेमसिंग के साथ मछली पकड़ने गया था। मध्यप्रदेश के पुलिस जवानों ने उनपर गोली चला दी थी। नेम सिंह किसी तरह जान बचाकर भागा। लेकिन झामसिंग की मौत हो गई। इस हत्या को मध्यप्रदेश सरकार ने नक्सली वारदात की तरह पेश करने की कोशिश की थी। लेकिन नेम सिंह की रिपोर्ट पर हुई जांच ने फर्जी एनकाउंटर से पर्दा उठा दिया।

इस मामले में स्थानीय विधायक और मंत्री मोहम्मद अकबर ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री को चिट्ठी लिखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था। अकबर ने इस मामले में चौबीस घंटे के भीतर दो-दो बार चिट्ठी लिखी थी। वहीं राज्यपाल अनुसूईया उइके ने भी मध्यप्रदेश के राज्यपाल से इस मामले में टेलीफोन से बात की थी।

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