नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने बीते एक साल के दौरान तीस विभागों की कुल 596 गैर जरूरी शर्तें व प्रक्रिया को चिन्हित कर 450 शर्तों को खत्म कराया है. शेष 116 से अधिक शर्तों पर काम चल रहा है. इसमें 95 तो अकेले श्रम विभाग की हैं.

सरकार की इस योजना के नोडल अधिकारी व डीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक विवेक पांडेय ने बताया कि बीते साल कोविड के दौरान ही हमने तीस विभागों की कुल 596 गैर जरूरी शर्तें व प्रक्रिया को हमने चिन्हित किया था. इसमें जन्म प्रमाण पत्र, संपत्ति म्यूटेशन, डीटीसी बस पास, परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं, बिजली पानी से संबंधित सेवाएं  से जुड़ी 250 शर्तें ऐसी थीं जो कि अलग-अलग विभागों की सीधे जनता से जुड़ी सेवाओं में शामिल थीं. बाकी हेल्थ व्यापार से जुड़े थे, जिसमें लाइसेंस, ट्रेड लाइसेंस, ड्रग कंट्रोलर विभाग समेत अन्य विभाग शामिल थे.

उन्होंने बताया कि विभागीय शर्तों को लेकर जब पता लगाया गया, तो पता चला कि अब जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आपको एमसीडी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा तय समय के अंदर प्रमाण पत्र नहीं बनावाने तो शपथ पत्र भी सेल्फ अटेस्ट करके ऑनलाइन जमा करने पर प्रमाण पत्र मिल जाएगा. यह काम दो हफ्ते में पूरा हो जाएगा. संपत्ति का म्यूटेशन जो कि एमसीडी से होता है पहले एक-एक महीने लगते थे. अब ऑनलाइन के जरिए यह सात दिन में हो जाता है. इसी तरह डीटीसी का बस पास एक बार ऑनलाइन बनवाने के बाद दूसरी बार फॉर्म भरने की जरूरत नहीं पडे़गी.

पोर्टल पर मिलेगी 16 विभागों की सेवाएं

दिल्ली सरकार ने योजनाओं की शर्तों को घटाने के साथ एक बड़ा काम यह भी किया है कि विभागों की अलग-अलग पोर्टल पर जाकर कवायद नहीं करनी पड़ेगी. एक ही पोर्टल में तमाम विभागों से जुड़े आवेदन जमा किए जा सकेंगे. शुरुआत में एमसीडी, एनडीएमसी, जलबोर्ड, ऊर्जा, राजस्व, परिवहन विभाग जैसी 16 विभागों की सेवाओं को जोड़ा जाएगा. इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के बाद अब सरकार बैठक करने जा रही है. इस पर सहमति बनते ही लोगों को सरकार से जुड़ी सेवाओं पर आवेदन करने के लिए अलग-अलग वेबसाइट पर नहीं जाना पड़ेगा.