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ग्रेटर नोएडा. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शिलान्यास के बाद निर्माण कार्यों को तेजी के साथ शुरू कर दिया गया है. सरकार इस प्रॉजेक्ट को लेकर कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने ठेका कंपनी को तय समयसीमा यानी 29 सितंबर, 2024 तक काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं. तय समय सीमा पार होने पर बिल्डर को प्रतिदिन 10 लाख रुपए का जुर्माना देना होगा.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ही एयरपोर्ट प्रॉजेक्ट का शिलान्यास किया था. अधिकारियों ने कहा कि जब बिल्डर ज्यूरिख एजी और यूपी सरकार ने समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, तो यह फैसला लिया गया था कि कंपनी बैंक गारंटी का 0.1% भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होगी. अगर प्रॉजेक्ट डेडलाइन को पार कर करता है, तो कंपनी को हर दिन मुआवजे के तौर पर एक रकम देनी होगी.
ज्यूरिख ने बैंक गारंटी के तौर पर 100 करोड़ रुपए जमा किए थे, यानी किसी भी तरह की देरी के लिए उसे रोजाना 10 लाख रुपए का जुर्माना भरना होगा. वाईआईएपीएल ज्यूरिख एजी की सहायक कंपनी है जिसे हवाई अड्डे के निर्माण का काम सौंपा गया है. YIAPL सरकार को 15 दिसंबर तक प्रॉजेक्ट के कई बड़े कामों, जैसे टर्मिनल बिल्डिंग, मेट्रो और हाई-स्पीड रेल के लिए स्टेशन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, कार्गो और लॉजिस्टिक्स सेंटर, 186 एयरक्राफ्ट स्टैंड, होटल और अन्य रियल एस्टेट से जुड़े कामों को लेकर एक डिटेल्ट प्लान सौंपेगा.