रायपुर। उफनती इन्द्रावती भी अब छिंदनार इलाके के ग्रामीणों का रास्ता नहीं रोक सकेगी. इस पुल के निर्माण से लोगों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलने लगी है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दंतेवाड़ा जिले के छिंदनार में इन्द्रावती नदी पर 38 करोड़ 74 लाख 26 हजार रुपए की लागत से नवनिर्मित पुल को 25 जनवरी को जनता को समर्पित करेंगे.

इस पुल के बन जाने से इन्द्रवती नदी के पार के नक्सल प्रभावित ग्राम चेरपाल, तुमरीगुण्डा, पाहुरनार, कौरगांव सहित अन्य गांव में विकास और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच तेज हुई है, जिससे लोगों के जीवन में एक नया बदलाव दिखाई देने लगा है, पुल निर्माण का वर्षों पुराना सपना पूरा होने से इन्द्रावती नदी के उसपार के गांव में उत्सव और हर्ष का माहौल है. इंद्रावती नदी पर पुल बनने से गांवों के विकास की गति तेज हुई है. बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ी है. जन-जीवन सहज हुआ है.

गौरतलब है कि इन्द्रावती नदी में बरसात के दिनों में बाढ़ आने पर ग्रामीणों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता था, पुल बन जाने से अब पार के गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विकास में तेजी आई है.

पुल के निर्माण के अलावा गांवों में बिजली भी पहुंच गई है. तुमरीगुंडा ग्राम पंचायत में 2 करोड़ की लागत से 18 पारों में 18 ट्रांसफार्मर लगाकर शतप्रतिशत घरों को विद्युतीकृत किया गया है, जिससे 410 हितग्राहियों को लाभान्वित हुए हैं. इन्द्रावती नदी के उस पार स्थित सभी गांवों के घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 3 करोड़ 91 लाख रूपए की स्वीकृत दी गई है, जिससे पाहुरनार गांव के विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है, चेरपाल गांव में विद्युतीकरण का काम तेजी से चल रहा है. जल जीवन मिशन अंतर्गत अंदरूनी इलाके के गांव में हर घर-नल से जल पहुंचाने के काम में भी तेजी आई है.

जिला प्रशासन द्वारा गांव में शिविर लगाने और ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने में गति आई है. इन्द्रावती नदी पार के गांवों में 632 हितग्राहियों का श्रम कार्ड बनाया जा चुका है, जिससे उन्हें कई योजनाओं का लाभ मिलने लगा है. स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान हुई है. गांव में अब आवश्यकता के अनुरूप 108 संजीवनी एक्सप्रेस एवं 102 महतारी एक्सप्रेस धड़ल्ले से आने-जाने लगी हैं. डॉ खूबचंद बघेल आयुष्मान योजना अंतर्गत लगभग 2829 लोगों का आयुष्मान कार्ड तथा 45 दिव्यांगजनो को दिव्यांग प्रमाण पत्र दिया जा चुका है कोविड-19 संक्रमण के बचाव के लिए लोगों को टीका लगा दिया गया है.

पुल बन जाने से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है, और शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ देने और दिलाने के लिए शासन और जनता के बीच की दूरी मिटी है. सिंचाई एवं फसल उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। इन्द्रावती नदी के उस पार स्थित ग्राम पंचायतो में कुल 1656 लोगों को राशनकार्ड का लाभ मिलने लगा है. दन्तेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नारायणपुर जिले के 356 हितग्राही को राशन दन्तेवाड़ा से प्रदान किया जा रहा है. इन्द्रावती पर पुल निर्माण से समग्र विकास को गति और ग्रामीणों का जीवन गतिशील हुआ है.