रायपुर. भानुप्रतापपुर उपचुनाव में सर्व आदिवादी समाज के निर्दलीय प्रत्याशी अकबर कोर्राम को जिला निर्वाचन कार्यालय ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. उपचुनाव में समाज के विरूद्ध कार्य करने वालों पर सामाजिक कार्यवाही करने की बात को लेकर यह नोटिस जारी किया गया था. इस पर कोर्राम ने रिटर्निंग आफिसर को पत्र लिखकर जवाब दिया है.

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अकबर कोर्राम ने पत्र में कहा है कि मैं विधानसभा क्षेत्र 80 भानुप्रतापपुर अजजा) निर्वाचन के लिए मैं स्वतंत्र निर्दलीय अभ्यर्थी हूं. मैं आदिवासी समाज का सदस्य हूं. मेरा किसी राजनितिक पार्टी से कोई संबंध नहीं है. अध्यक्ष गोंडवाना समाज समन्वय समिति ब्लॉक चारामा द्वारा जारी पत्र का उल्लेख नोटिस में किया गया, उसकी जानकारी मुझे नहीं है और न ही उक्त पत्र या निर्णय के संबंध में मुझसे कोई सहमति नहीं ली गई है. उक्त तथ्य की जानकारी मुझे आपके द्वारा प्रेषित नोटिस प्राप्त होने बाद हुई है.

कोर्राम ने पत्र में कहा कि सर्व आदिवासी समाज में कई जाति एवं समुदाय के लोग सम्मिलित हैं, जिसमें चूंकि मैं भी एक आदिवासी समाज का सदस्य हूं, जिसमें यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा कोई निर्णय या पत्र या बैठक की गई हो तो उसमें मेरी कोई सहमति नहीं है. मैं एक स्वतंत्र निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अभ्यर्थी हूं. मैने किसी प्रकार से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम या भारतीय दंड संहिता में उल्लेखित उपबंध का कोई उल्लंघन नहीं किया है. अकबर कोर्राम ने रिटर्निंग आफिसर से अपने विरूद्ध प्रेषित नोटिस के संबंध में की जा रही कार्यवाही को निरस्त करने की बात कही है.

जिला निर्वाचन कार्यालय से जारी नोटिस में कहा गया था कि अध्यक्ष गोंडवाना समाज समन्वय समिति ब्लॉक चारामा के पत्र के अनुसार 26 नवंबर 2022 को गोंडवाना भवन बाबूकोहका में सर्व आदिवासी समाज की बैठक रखी गई थी. इसमें निर्णय लिया गया है कि समाज द्वारा जो प्रत्याशी चयनित किया गया है उसके विरूद्ध अन्य पार्टी पर सपोर्ट कर रहे उन सामाजिक व्यक्ति पर सामाजिक कार्यवाही किया जाएगा. उसके परिवार में सामाजिक कार्य होने पर समाज सम्मिलित नहीं होगा. उक्त निर्णय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 भारतीय दंड संहिता और निर्वाचन नियमों के विपरीत है.

नोटिस में कहा गया था कि किसी उम्मीदवार या उसके एजेंट या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किसी उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट की सहमति से किसी व्यक्ति को उसके धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर मतदान करने या वोट देने से बचने की अपील या उस पर उम्मीदवार के चुनाव की संभावनाओं को आगे बढ़ाने या किसी उम्मीदवार के चुनाव को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना अपराध की श्रेणी में आता है.

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