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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी 126वीं जयंती पर याद करते हुए देशवासियों को पराक्रम दिवस की बधाई दी. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी इस बदलाव की गवाह है कि कैसे भुला दिए गए नेताजी को आज हर पल याद किया जा रहा है. नेताजी से जुड़े जो काम पिछले 8-9 साल में हुए हैं, वो भारत की आजादी के बाद के सालों में होने चाहिए थे.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंडमान और निकोबार के द्वीपों का नामकरण पर कहा कि जिन 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम से अब अंडमान-निकोबार के ये द्वीप जाने जाएंगे, वे मातृभूमि के कण-कण को अपना सब कुछ मानते थे. उन्होंने कहा कि सभी 21 परमवीरों का एक ही संकल्प था- ‘इंडिया फर्स्ट’. आज इन द्वीपों के नामकरण में इनका संकल्प हमेशा के लिए अमर हो गया है. अंडमान की क्षमता बहुत बड़ी है. पिछले 8 वर्षों में देश ने इस दिशा में लगातार प्रयास किए हैं.
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प्रधानमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर और देश के लिए लड़ने वाले कई अन्य नायकों को अंडमान की इस भूमि में कैद किया गया था. 4-5 साल पहले जब मैं पोर्ट ब्लेयर गया था, तो मैंने वहां के 3 मुख्य द्वीपों को भारतीय नाम समर्पित किया था. आज जिन 21 द्वीपों को नया नाम मिला है, उनके नामकरण में कई संदेश समाहित हैं. संदेश एक भारत, श्रेष्ठ भारत का है. यह संदेश हमारे सशस्त्र बलों की वीरता का है.
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पीएम ने कहा कि लोग अब भारत के इतिहास को जानने और जीने के लिए अंडमान और निकोबार के द्वीपों पर आते हैं. इसके साथ ही पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए पीएम ने कहा कि दशकों तक देश की क्षमता और द्वीपों को कम करके आंका गया. लेकिन अब भारत को आधुनिक विकास की ऊंचाइयों को छूने में सक्षम के रूप में देखा जाता है. भारत के द्वीप दुनिया को बहुत कुछ दे सकते हैं. लेकिन पहले इस क्षमता को पहचाना नहीं गया था, और नहीं कार्रवाई की गई.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप पर बनने वाले नेताजी को समर्पित राष्ट्रीय स्मारक के मॉडल का भी अनावरण किया. प्रधानमंत्री ने 21 परम वीर चक्र पुरस्कार विजेताओं के नाम पर अंडमान और निकोबार के 21 सबसे बड़े अनाम द्वीपों का नाम भी रखा.
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परम वीर चक्र विजेताओं के नाम रखा इन 21 द्वीपों को
इन द्वीपों का नाम 21 परम वीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखा गया है. मेजर सोमनाथ शर्मा; सूबेदार और मानद कप्तान (तत्कालीन लांस नायक) करम सिंह, एम.एम.; द्वितीय लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे; नायक जदुनाथ सिंह; कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह; कैप्टन जीएस सलारिया; लेफ्टिनेंट कर्नल (तत्कालीन मेजर) धन सिंह थापा; सूबेदार जोगिंदर सिंह; मेजर शैतान सिंह; सीक्यूएमएच. अब्दुल हमीद; लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशिर बुर्जोरजी तारापोर; लांस नायक अल्बर्ट एक्का; मेजर होशियार सिंह; द्वितीय लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल; फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखो; मेजर रामास्वामी परमेश्वरन; नायब सूबेदार बाना सिंह; कप्तान विक्रम बत्रा; लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे; सूबेदार मेजर (तत्कालीन राइफलमैन) संजय कुमार और सूबेदार मेजर सेवानिवृत्त (मानद कप्तान) ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव.
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