जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के निर्माण के लिए 14,200 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. यह परियोजना पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में सिंचाई और पेयजल की समस्या के समाधान के लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा लाई गई थी. गहलोत ने राज्य के 2023-24 के बजट में इस परियोजना के तहत विभिन्न कार्यों के लिए 13,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था.

उक्त स्वीकृति से नवनेरा-गलवा-बीसलपुर-ईसरदा लिंक परियोजना, निर्माणाधीन नवनेरा बैराज एवं ईसरदा बांध, रामगढ़ एवं महलपुर बैराज का निर्माण, नवनेरा बैराज, मेज एनिकट तथा गलवा बांध में पम्पिंग एवं विद्युत स्टेशन स्थापित करने तथा बाढ़ के पानी को संग्रहित करने सहित विभिन्न कार्य पूरे किए जा सकेंगे. साथ ही, बीसलपुर बांध की ऊंचाई 0.5 मीटर बढ़ाने तथा 202.42 कि.मी. लम्बे जल परिवहन तंत्र को विकसित करने के कार्य भी किए जा सकेंगे.
इसके अतिरिक्त पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ई.आर.सी.पी.) के तहत वर्ष 2040 तक जयपुर, अजमेर एवं टोंक जिले की अतिरिक्त पेयजल आवश्यकताओं तथा जयपुर जिले के शेष ग्रामीण क्षेत्रों हेतु 16.82 टीएमसी पेयजल की अतिरिक्त मांग को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन के कार्य किए जा सकेंगे.
उल्लेखनीय है कि पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में सिंचाई तथा पेयजल की समस्या के समाधान के लिए ई.आर.सी.पी. एक महत्वाकांक्षी परियोजना है. इसके तहत राज्य की नदियों में उपलब्ध अतिरिक्त पानी जो प्रतिवर्ष यमुना नदी के माध्यम से समुद्र में व्यर्थ बह जाता है, को बांधों के माध्यम से रोककर राज्य में उपयोग में लाया जाएगा. सीएम गहलोत ने बजट 2023-24 में इस परियोजना के अंतर्गत विभिन्न कार्यों के लिए 13 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया था. इसी बजट घोषणा की अनुपालना में यह स्वीकृति दी गई है.
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