अभिषेक सेमर, तखतपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से पत्रकारों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली घटना सामने आई है, जहां न्यूज कवरेज के दौरान एक महिला अधिकारी ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकार के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। माइक छीनने और कैमरे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने से मामला गरमा गया है। इस घटना को लेकर पत्रकारों में आक्रोश है।

मामला बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र का है। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगों का पंजीयन करने जबलपुर से टीम बुलाई गई थी। किसी भवन या व्यवस्थित जगह पर शिविर का आयोजन होना था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही के चलते राम मंदिर प्रांगण में शिविर लगाकर पंजीयन किया जा रहा था। इस मामले को लेकर जबलपुर से आई टीम नाराजगी जाहिर कर रहे थे और उनके द्वारा बोला जा रहा था कि व्यवस्था अच्छी हो सकती थी, क्योंकि दिव्यांग जमीन पर बैठे थे और अव्यवस्थाओं का आलम था। इसी मामले की रिपोर्टिंग News 24 और लल्लूराम डॉट कॉम के पत्रकार कर रहे थे। महिला अधिकारी राजकुमारी सोनी पर आरोप है कि उन्होंने पत्रकार का माइक छीन लिया, उसका तार तोड़ने का प्रयास किया और कैमरा छीनने की कोशिश की।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पत्रकार अपनी ड्यूटी निभाते हुए मौके की कवरेज कर रहे थे। इसी बीच कहासुनी हुई और मामला इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर महिला अधिकारी ने अभद्र व्यवहार करते हुए उपकरणों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। घटना के बाद पत्रकारों में आक्रोश है। स्थानीय पत्रकार संघ ने इस पूरे मामले की निंदा करते हुए संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ड्यूटी के दौरान मीडिया कर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला माना जाएगा। फिलहाल मामले को लेकर शिकायत की तैयारी की जा रही है।

मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी : कलेक्टर

इस मामले में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने गंभीरता दिखाते हुए संबंधित ज्वाइंट डायरेक्टर को पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं जॉइंट डायरेक्टर टीपी भावे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित महिला अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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