यमुना नदी में सीवरेज गिरने से रोकने के लिए दिल्ली सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) अब उन इलाकों में घरों से सीवरेज उठाएगा, जहां अभी तक सीवर लाइन मौजूद नहीं है। यह सुविधा लोगों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत ऐसी कॉलोनियों में बने सेप्टिक टैंकों से सीवरेज निकालने के लिए दिल्ली जल बोर्ड करीब 300 वाहन किराए पर लेगा। इन वाहनों के जरिए सीवरेज को उठाकर तयशुदा ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा, ताकि गंदा पानी सीधे यमुना में न जाए। जल बोर्ड ने इस योजना को लागू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि इस कदम से अनधिकृत और बिना सीवर नेटवर्क वाली कॉलोनियों से यमुना में जाने वाले प्रदूषण पर बड़ी रोक लगेगी।

दिल्ली में जिन इलाकों में सीवर लाइन नहीं है, वहां शौचालयों के लिए सेप्टिक टैंक बनाए जाते हैं। अभी तक इन सेप्टिक टैंकों की सफाई के लिए लोग निजी मशीनें बुलाते हैं और अपनी जेब से पैसा खर्च करते हैं। आरोप है कि सफाई के बाद प्राइवेट ऑपरेटर सीवरेज को आसपास के नालों में डाल देते हैं, जो आगे चलकर सीधे यमुना नदी में पहुंच जाता है।

यमुना में बढ़ते प्रदूषण की बड़ी वजह यही व्यवस्था मानी जा रही है। अनुमान है कि हर साल लाखों सेप्टिक टैंकों का सीवरेज इसी तरह यमुना में पहुंचता है, जिससे नदी का प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ रहा है। इस समस्या पर रोक लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड इस काम के लिए 300 सेप्टिक टैंक सफाई मशीनें किराए पर लेगा। इनमें 200 मशीनें बड़े वाहनों पर, जबकि 100 मशीनें छोटे वाहनों पर लगाई जाएंगी, ताकि तंग गलियों और घनी आबादी वाले इलाकों में भी आसानी से पहुंचा जा सके।

दिल्ली जल बोर्ड यह सेवा निशुल्क देगा और उठाया गया सीवरेज सीधे तयशुदा ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा, ताकि गंदा पानी नालों के जरिए यमुना में न जा सके। सरकार का कहना है कि इस कदम से यमुना में सीवरेज गिरने पर बड़ी रोक लगेगी और नदी की सफाई की दिशा में ठोस सुधार होगा।

टैंक से एकत्र कर STP में पहुंचाया जाएगा

यमुना में सीवरेज गिरने से रोकने के लिए दिल्ली सरकार की नई योजना के तहत अब बिना सीवर लाइन वाले इलाकों में सेप्टिक टैंकों की सफाई दिल्ली जल बोर्ड खुद करेगा। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि DJB की मशीनें ऐसे इलाकों में जाकर सेप्टिक टैंकों से सीवरेज निकालेंगी और उसे टैंकों में एकत्र किया जाएगा। इसके बाद इस सीवरेज को नालों में न डालकर पास के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में ले जाया जाएगा, जहां इसका शोधन (ट्रीटमेंट) किया जाएगा और तय मानकों के अनुसार डिस्चार्ज किया जाएगा।

जलमंत्री ने बताया कि 300 सेप्टिक टैंक सफाई मशीनें किराए पर लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह सुविधा आम लोगों के लिए शुरू कर दी जाएगी। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए लोग टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकेंगे, जिसे जल्द ही जारी किया जाएगा। यह पूरी सेवा निशुल्क होगी। सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से प्राइवेट ऑपरेटरों द्वारा सीवरेज को नालों में डालने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और यमुना में प्रदूषण कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।

अहम बातें

• अभी सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए प्राइवेट ठेकेदार लोगों से करीब 3,000 रुपये वसूलते हैं।

• दिल्ली जल बोर्ड अब यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराएगा।

• सेप्टिक टैंक का सीवरेज नालों में डालने पर रोक लगेगी, जिससे यमुना में जाने वाली गंदगी रुकेगी।

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