बरनाला। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां जिला बरनाला की एक अहम बैठक गांव चीमा के विश्वकर्मा मंदिर में जिला अध्यक्ष चमकौर सिंह नैणेवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में विशेष तौर पर पहुंचे संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां ने केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों पर तीखे हमले किए और आगामी तीखे संघर्ष का ऐलान किया। प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां ने संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और पंजाब की सरकारें मिलीभगत से देश के जल, जंगल, जमीन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों को कॉर्पोरेट घरानों के हवाले करना चाहती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें इन हितों की पूर्ति के लिए पत्रकारों, कलमकारों और संघर्षशील संगठनों के नेताओं को निशाना बना रही हैं। किसान नेता बलदेव सिंह चौके और शरणदीप सिंह जिउंड पिछले 9 महीनों से अधिक समय से बठिंडा जेल में बंद हैं। उन्होंने कहा कि जिउंड गांव के लोग अपनी जमीनों की रक्षा के लिए न्यायपूर्ण संघर्ष लड़ रहे हैं।
संगठन ने ऐलान किया कि इन दोनों नेताओं पर दर्ज झूठे पुलिस केस रद्द करवाने और उनकी पक्की रिहाई के लिए 6 फरवरी को बठिंडा में राज्य स्तरीय पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। यह मोर्चा तब तक जारी रहेगा जब तक रिहाई नहीं हो जाती।

इस दौरान प्रदेश नेता रूप सिंह छन्ना, हर्षदीप सिंह टल्लेवाल, जिला महासचिव जरनैल सिंह बदरा और उपाध्यक्ष बुक्कण सिंह सदोवाल ने भी अपने विचार रखे। संघर्ष की रूपरेखा तैयार करने में महिला नेताओं ने भी हिस्सा लिया, जिनमें कमलजीत कौर बरनाला, लखवीर कौर धनौला, संदीप कौर पत्ती और सुखदेव कौर ठुल्लीवाल प्रमुख थीं।


