चंडीगढ़. 2027 के विधानसभा चुनावों के पहले पंजाब को उप मुख्यमंत्री मिलने की चर्चा जोरो पर है। इस चर्चा के साथ ही पार्टी में आपसी घमासान की बात भी सुनाई दे रही है। उड़ती खबरों की माने तो आप के शीर्ष नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री में इसे लेकर मतभेद हो गया है।

चुनावी वादों में केजरीवाल ने पहले ही यह वादा किया था कि पंजाब में दलित नेता को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।इस विषय से चर्चा शुरू होने के लेकिन जैसे ही यह चर्चा शुरू हुई वैसे ही पार्टी नेतृत्व के भीतर आपसी मतभेद और दो वरिष्ठ मंत्रियों के बीच खींचतान इस फैसले में देरी का बड़ा करना बनी है। आपको बता दें कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पहली बार 2017 के चुनावों के दौरान यह वादा किया था कि पंजाब में सरकार बनने पर दलित समुदाय से उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया जाएगा।

इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के लगभग 32.5 प्रतिशत अनुसूचित जाति वोट बैंक को पार्टी के साथ जोड़ना था। हालांकि, अब जब पार्टी इस वादे को अमल में लाने की तैयारी कर रही थी, मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली स्थित हाईकमान के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।

दो नाम पर चर्चा

उप मुख्यमंत्री के लिए दो प्रमुख नाम चर्चा में हैं—वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जहां चीमा को पार्टी का संकटमोचक और प्रभावशाली वित्त मंत्री माना जाता है, वहीं मुख्यमंत्री मान डॉ. बलजीत कौर के नाम का समर्थन कर रहे हैं। संबंधित पक्षों के बीच किसी एक नाम पर सहमति न बनने के कारण यह मामला फिलहाल अटक गया है। फिलहाल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार उम्मीदवार के चयन पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और दिल्ली व पंजाब नेतृत्व के बीच विचार-विमर्श जारी है।