शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में वन एवं वन्य-जीव संरक्षण के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी दिशा में मध्यप्रदेश वन विभाग की स्टेट टाइगर फोर्स ने सफलता प्राप्त की है। इसमें एसटीएफ द्वारा वन्य-जीव तस्कर अपराधी मन्नीवन्नन मुरुगेशन को प्रतिबंधित प्रजाति के वन्य-जीव कछुओं की तस्करी के अपराध में गिरफ्तार कर मध्यप्रदेश लाया गया था। वन प्रकरण जांच में ज्ञात हुआ कि अपराधी मुरुगेशन पर थाईलैण्ड में भी वन्य-जीव के अवैध व्यापार का प्रकरण दर्ज है। आरोपी की थाईलैण्ड प्रत्यर्पण की पुष्टि न्यायालय पटियाला हाउस नई दिल्ली ने की है। थाईलैण्ड सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए न्यायालय द्वारा विस्तृत सुनवाई के बाद 6 जनवरी, 2026 को तस्कर अपराधी मुरुगेशन के थाईलैण्ड प्रत्यर्पण की अनुमति का आदेश पारित किया है।
तस्करी में मुरुगेशन का नाम दुनिया में तीसरे नम्बर पर
अपराधी तस्कर मुरुगेशन से संबंधित संवेदनशील दस्तावेज मध्यप्रदेश वन विभाग की स्टेट टाइगर फोर्स ने ढाका बांग्लादेश में 23-25 जुलाई, 2018 को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कछुओं एवं जलीय वन्य-जीव की तस्करी की रोकथाम के लिये बैठक में साझा किया गया था। दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी में मुरुगेशन का नाम दुनिया में तीसरे नम्बर पर था। सिंगापुर के रहवासी मुरुगेशन का अवैध व्यापार सिंगापुर सहित भारत, थाईलैण्ड, मलेशिया मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर में फैला है। मुरुगेशन को 27 अगस्त, 2012 को करीब 900 दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के साथ बैंकांक एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था, तब वह गैर-कानूनी तरीके से छूटने में कामयाब हो गया था। एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर थाईलैण्ड के प्रकरण पर इंटरपोल द्वारा रेड नोटिस भी जारी किया गया था।
मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स
थाईलैण्ड से मुरुगेशन के प्रत्यर्पण के अनुरोध पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने विधि अनुसार कार्यवाही करते हुए एक्ट-1962 के प्रावधान अनुसार जांच के लिये न्यायालय पटियाला हाउस नई दिल्ली में प्रकरण दर्ज कराया था तथा वहां से जारी वारंट की तामिल कार्यवाही करते हुए मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स द्वारा आरोपी मुरुगेशन को अक्टूबर-2021 में उच्च न्यायालय नई दिल्ली के समक्ष पेश किया था। साथ ही विदेश मंत्रालय अधिवक्ता को समस्त दस्तावेज सौंपकर प्रत्यर्पण की कार्यवाही प्रारंभ की गई थी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला सागर ने 7 वर्ष की सजा सुनाई थी
एसटीएफ ने मुरुगेशन को चैन्नई से बीती 30 जनवरी, 2018 को गिरफ्तार कर सागर के विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया था। आरोपी के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला सागर ने दोषी मानते हुए 7 वर्ष की सजा सुनाई थी। आरोपी द्वारा उक्त निर्णय के विरुद्ध अपील दायर की गई थी। अपील में निर्णय देते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय सागर ने दोषमुक्त कर दिया था, लेकिन एसटीएफ ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उक्त निर्णय के विरुद्ध अपील उच्च न्यायालय जबलपुर में दर्ज की थी और उसके पासपोर्ट को इम्पाउंड करवा दिया था। वर्तमान में अपील उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित है। प्रत्यर्पण की पुष्टि हो जाने के बाद न्यायालय पटियाला हाउस नई दिल्ली के आदेश से वर्तमान में आरोपी मुरुगेशन को गिरफ्तार कर तिहाड़ तेल नई दिल्ली में रखा गया है।
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