परवेज आलम, बगहा। जिले के रामनगर थाना क्षेत्र नेपाली टोला स्थित संजीवनी हेल्थ केयर निजी अस्पताल से एक बार फिर सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ऑपरेशन के दौरान एक नवविवाहिता महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजन नवविवाहिता को जहर का इंजेक्शन देकर उसे जान से मारने का आरोप लगा रहें हैं, जिसके लेकर अस्पताल में भारी बवाल मच गया। हालांकि हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस नें मोर्चा संभाल लिया।
पहले भी हो चुकी हैं कई मौतें
दरअसल रामनगर स्थित संजीवनी केयर नीजी अस्पताल लंबे समय से सुर्खियों में रहा है। अक्सर यहां प्रसव पीड़िता मरीजों की मौत नें हेल्थ सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं? लिहाजा रामनगर CHC या जिले के CS ऑफिस से इस मामले में कोई भी जानकारी सांझा करना मुनासिब नहीं समझा जा रहा है। हालांकि शिकायत पर एसपी रामानंद कुमार कौशल नें केस दर्ज कर विधी सम्मत कार्रवाई का भरोसा जरूर दिलाया है।
साजिश के तहत हत्या का आरोप
बताया जा रहा है की चौतरवा थाना क्षेत्र के रायबारी महुआ निवासी इमरान अंसारी की पत्नी सोनी खातुन को ससुराल पक्ष के लोगों ने संजीवनी केयर प्राइवेट क्लिनिक रामनगर के तथाकथित चिकित्सक नंदलाल यादव की मिली भगत से प्रसव के दौरान गलत इंजेक्शन डोज देकर उसे मौत के घाट उतरवाकर फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी का माहौल है, जबकि परिजनों में भारी आक्रोश है।
मृतका की बॉडी पर फैला इंफेक्शन
मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दहेज में 20 लाख रुपये की गाड़ी की मांग को लेकर सोनी खातुन को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी बीच सोनी गर्भवती हों गईं तो प्रसव के दौरान ऑपरेशन से जन्में शिशु को लेकर घर वाले भाग गए, जबकि सोनी हमेशा हमेशा के लिए गहरी नींद में सो गई। मृतका के बॉडी पर सूजन और इंफेक्शन का हवाला देते हुए मृतका के मामा व पूर्व जिला पार्षद कलाम अंसारी ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
झोलाछाप डॉक्टर चला रहा गोरख धंधा
बता दें की रामनगर में यह निजी क्लिनिक झोलाछाप चिकित्सक नंदलाल यादव द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिस पर पहले भी लापरवाही के कई आरोप लग चुके हैं। लेकिन उसने एक साथ चार-चार चिकित्स्कों के नेम प्लेट वाले बोर्ड लगाकर ऑपरेशन का गोरख धंधा तेज कर रखा है जिसके रजिस्ट्रेशन समेत वैध होने की भी जांच बेहद जरूरी है।
जांच के लिए पहुंची एफएसएल की टीम
इधर घटना की सूचना मिलते ही रामनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और SDPO रागिनी कुमारी मामले की छानबीन में जुट गई। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरुरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस नवजात शिशु और फरार ससुराल पक्ष की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं, मृतका के परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर मामला भी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
इस पूरे मामले में बगहा एसपी रामानंद कुमार कौशल ने कहा कि, शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। बहरहाल पुलिस कप्तान नें विधी सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाया है जिसके बाद मृतका के परिजनों में न्याय की उम्मीद जगी है।
संजीवनी केयर अस्पताल को लेकर उठ रहा सवाल
अब सवाल यह है की रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नाक के निचे संजीवनी केयर नीजी अस्पताल का संचालन एक नहीं चार-चार चिकित्स्कों के नेम प्लेट और पर्ची का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है, जहां प्रसव के दौरान कई मरीजों की जान जा चुकी है औऱ स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो कोई जांच की जा रही है और ना ही कोई कार्रवाई, जिससे विभाग की किरकिरी हो रही है। वहीं, भोले भाले और मजबूर मरीजों के जान माल से खिलवाड़ का बदस्तूर भी जारी है।
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