अदानी इंटरप्राइजेस ने अभी तक किरंदुल के डिपाजिट 13 में कोई भी काम शुरु नहीं किया है, कंपनी के प्रवक्ता ने जारी किया स्पष्टीकरण

रायपुर– दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल स्थित डिपाजिट 13 लौह अयस्क खदान को लेकर चल रहे आंदोलन के संबंध में अदानी समूह के प्रवक्ता ने अपनी लिखित प्रतिक्रिया दी है.प्रवक्ता द्वारा भेजी गई विज्ञप्ति में कहा गया है कि किरंदुल में लौह अयस्क भंडार  13 के मालिक के रूप में, केंद्र और राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड का एक संयुक्त साहस स्वयं ही जरुरी  नियामकीय अनुमतियों को प्राप्त करने और कानूनी शर्तों को पूरा करने में कार्यरत है. 2018 में एनएमडीसी सीएमडीसी लिमिटेड ने पारदर्शी प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) को केवल खनन ठेकेदार (माइनिंग कॉन्‍ट्रैक्टर) के रूप में नियुक्त किया था. एईएल ने अभी तक अपनी परियोजना शुरू नहीं की है और अयस्क भंडार 13 के मालिक एनएमडीसी सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा सभी अनिवार्य शर्तों को पूरा करने के बाद ही अपना कोई भी कार्य शुरू  करेगा.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि आज की वर्तमान स्थिति के अनुसार, एईएल किरंदुल में उपस्थित नहीं है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एनएमडीसी  सीएमडीसी लिमिटेड लौह अयस्क संसाधनों का मालिक है और एईएल केवल एक अनुभवी और जिम्मेदार खनन ठेकेदार के रूप में सहयोग प्रदान करेगा. अदाणी समूह सबके साथ मिल कर विकास कार्य को बढ़ाने में दृढ़ता से विश्वास रखता है और छत्तीसगढ़ राज्य के लिए इसकी प्रतिबद्धता, इसकी अलाभकारी संस्था, अदाणी फाउंडेशन द्वारा किए गए सामुदायिक पहलों से स्पष्ट है. एईएल और अदाणी फाउंडेशन सरगुजा जिले के किये गये विकास के समावेशी और टिकाऊ मॉडल को दंतेवाड़ा में भी दोहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

अदानी समूह ने अपनी विज्ञप्ति में कहा है कि खनन गतिविधियों की शुरुआत के लिए, केंद्रीय पीएसयू एनएमडीसी लिमिटेड और राज्य पीएसयू,  छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम लिमिटेड (सीएमडीसी लिमिटेड) ने वर्ष 2008 में एक संयुक्त उपक्रम का गठन किया था. एनएमडीसी ने जुलाई 2014 के बीच ग्राम सभाओं के आयोजन किए, 2015 में पर्यावरण संबंधी मंजूरी और जनवरी 2017 में वन संबंधी मंजूरी हासिल की. इसके बाद, 2017 में, खनन लीज सरकारी स्वामित्व वाली संयुक्त उपक्रम कंपनी एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) को हस्तांतरित कर दी गई. जनवरी 2018 में, कम से कम दस   कंपनियों ने बैलाडीला लौह अयस्क भंडार क्रमांक 13 के विकास और परिचालन के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली में हिस्सा लेने में दिलचस्पी दिखाई. बोली लगाने वालों की संक्षिप्त सूची बनाने का काम निविदा के नियमों और  शर्तों के अनुसार नियत तकनीकी और वित्त संबंधी योग्यता आवश्‍यकताओं के आधार पर किया गया था. पारदर्शी बिडिंग प्रक्रिया के माध्यम से अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) को सफल बोलीदाता के रूप में चुना गया था.  दिसंबर 2018 के अंत में, एनसीएल ने लौह अयस्क खनन अनुबंध पत्र प्रदान करके एईएल को खनन  ठेकेदार के रूप में नियुक्त किया. इस तरह, पहले एईएल इस परियोजना के लिए मंजूरी प्राप्त करने में शामिल नहीं थी और केवल दिसंबर 2018 के बाद ही पारदर्शी प्रतिस्‍पर्धी निविदा द्वारा खनन ठेकेदार की भूमिका में आयी”

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