देश के प्रमुख सरकारी अस्पताल एम्स (All India Institute of Medical Sciences) नई दिल्ली में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अस्पताल में अब ब्रेन से जुड़ी जटिल बीमारियों की जांच के लिए अत्याधुनिक Human Anti-Neurofascin 140 (Anti-NF140) टेस्ट की शुरुआत की जा रही है।अब तक इस खास टेस्ट के लिए मरीजों को निजी लैब या दूसरे बड़े संस्थानों का रुख करना पड़ता था। लेकिन एम्स में यह सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
एम्स के तंत्रिका जैव रसायन प्रभाग एवं आणविक निदान प्रयोगशाला के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक शर्मा ने बताया कि इस टेस्ट के जरिए दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति में नसों में कमजोरी, सुन्नता (नंबनेस), चलने में कठिनाई या मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। अब इस जांच के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी समय पर बीमारी की पहचान संभव होगी। सही इलाज जल्दी शुरू किया जा सकेगा
एम्स के तंत्रिका जैव रसायन प्रभाग एवं आणविक निदान प्रयोगशाला के विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक शर्मा ने बताया कि यह एक ब्लड बेस्ड टेस्ट है, जिसका रिजल्ट लगभग दो हफ्ते में आता है। उन्होंने कहा कि यह टेस्ट न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की पहचान में बेहद अहम भूमिका निभाता है और इसके जरिए दुर्लभ ब्रेन संबंधी रोगों का सटीक पता लगाया जा सकता है। एम्स के बाहर इस टेस्ट की कीमत करीब 25,000 रुपये है जबकि एम्स में इलाज करा रहे मरीजों के लिए यह टेस्ट पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध होगा.
महंगे टेस्ट का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा, समय पर और सटीक जांच संभव होगी, गंभीर बीमारियों के इलाज में तेजी आएगी यह टेस्ट खासतौर पर उन मरीजों के लिए उपयोगी है, जिनमें नसों की कमजोरी, सुन्नता, चलने में परेशानी या मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
क्या होता है इस टेस्ट में?
एम्स में अब Human Anti-Neurofascin 140 (Anti-NF140) टेस्ट के लिए मरीजों के ब्लड सैंपल लेना भी शुरू कर दिया गया है। इस अत्याधुनिक जांच से नसों से जुड़ी गंभीर और दुर्लभ बीमारियों की पहचान आसान हो जाएगी। यह एक ब्लड बेस्ड टेस्ट है, जिसके जरिए शरीर में मौजूद उन एंटीबॉडीज का पता लगाया जाता है जो नसों की सुरक्षा परत (मायलिन शीथ) को नुकसान पहुंचाती हैं। इससे तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों का सटीक निदान संभव हो पाता है।
किन बीमारियों में मददगार
यह टेस्ट खासतौर पर इन बीमारियों की पहचान में उपयोगी है:
क्रोनिक इन्फ्लेमेटरी डेमाइलेटिंग पॉलीनेरोपैथी (CIDP)
मल्टीपल स्क्लेरोसिस
‘Combined Central and Peripheral Demyelination (CCPD)’ जैसी जटिल स्थितियां
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

