Contact Information

Four Corners Multimedia Private Limited Mossnet 40, Sector 1, Shankar Nagar, Raipur, Chhattisgarh - 492007

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में गृह युद्ध के हालात हैं. तालिबान खून-खराबा कर पूरे देश में कब्जा करने के फिराक में है, इसमें पाकिस्तान से अपरोक्ष तौर पर पूरी मदद मिल रही मदद से दोनों देशों में खासा तनाव का माहौल है. ऐसे में अफगानिस्तान के पहले उप राष्ट्रपति सालेह ने बांग्लादेश युद्ध के बाद पाक सेना के भारतीय सेना के सामने समर्पण की तस्वीर को ट्वीट कर पाकिस्तानियों का खून खौला दिया है.

अफगानिस्तान के पूर्व उप राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने ट्वीट कर पाक सेना के समर्पण की तस्वीर साझा करते हुए लिखा है कि हमारे इतिहास में ऐसी कोई तस्वीर नहीं थी, न होगी. वहीं उन्होंने पाकिस्तान के ट्विवटर ट्रोलर्स पर निशाना साधते हुए कहा कि तालिबान और आतंकवाद इस तस्वीर के दर्द को खत्म नहीं कर सकते हैं. कोई और तरीके अख्तियार करें. इस ट्वीट के जवाब में पाकिस्तान ट्विटर यूजर काबुल में ईद उल अजहा की नमाज पढ़ते समय दागे गए राकेट की आवाज से बचने की सालेह की कवायद का वीडियो शेयर कर ताने मार रहे हैं.

पाकिस्तानियों के जख्मों को किया हरा

सालेह ने वर्ष 1971 में बांग्लादेश के युद्ध में भारत की जीत के बाद पाकिस्तान सेना के समर्पण करने की तस्वीर साझा की है. इसमें पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान में बांग्लादेश) में पाकिस्तान सेना के जनरल अमीर अब्दुल्ला ख़ाँ नियाज़ी ने क़रीब 90 हज़ार सैनिकों के साथ भारतीय सेना के कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने आत्मसमर्पण के दस्तावेजों में हस्ताक्षर किए थे. इसके साथ पूर्वी पाकिस्तान आजाद होकर बांग्लादेश के नाम से नए देश के तौर पर बना था. यह आज भी पाकिस्तान के इतिहास का काला अध्याय है.