रायपुर। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज ने दानवीर दाऊ कल्याण सिंह की जयंती पर रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित नवनिर्मित दाऊ अग्रवाल भवन में दानवीर सम्मान समारोह का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में 100 से अधिक दानवीर और समाज सेवकों का सम्मान किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय थे. इस मौके पर अग्रवाल समाज ने सीएम से नया रायपुर में कोई चौक चौराहा या बिल्डिंग दाऊ कल्याण सिंह के नाम पर करने की मांग की. साथ ही कोई एक राज्य अलंकरण सम्मान भी दाऊ कल्याण सिंह के नाम पर करने की मांग की. इस पर सीएम साय ने विचार करने की बात कही.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम साय ने छत्तीसगढी अग्रवाल समाज की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, विकसित भारत के लिए सबका योगदान जरूरी है. सभी समाज के लोग अपना योगदान दें. अग्रवाल समाज उद्योग व्यापार से जुड़ा होता है. नई उद्योग नीति हम लेकर आए हैं. सेमी कंडक्टर उद्योग जिसका भूमिपूजन होगा. देश का दूसरा इंडस्ट्रीज होगा, जो छत्तीसगढ़ में बनेगा. कार्यक्रम में रायपुर के विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा और महापौर मीनल चौबे भी शामिल हुए.


छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दाऊ अनुराग अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान पीढ़ी को अपने पूर्वजों के दिए दान के बारे में या तो जानकारी कम है यह बिल्कुल भी नहीं पता है. आज भौतिकवादी युग के पीछे भागते युवा को शायद यह नहीं पता है कि उनको उनके पूर्वजों ने आज की कीमत के हिसाब से 1000 करोड़ से ऊपर की संपत्ति दान की और अपने शहर और समाज में स्वास्थ्य,शिक्षा, स्वच्छ पेयजल आदि के लिए अस्पताल कॉलेज तालाब और कुआं का निर्माण करवाया.
अनुराग अग्रवाल ने आगे बताया कि आज शहर के लोगों को याद नहीं है कि दानी कन्या शाला का निर्माण मराठी समाज के सदस्य ने करवाया. शहर के दो बड़े महाविद्यालय दुर्गा महाविद्यालय व आयुर्वैदिक महाविद्यालय का निर्माण ब्राह्मण समाज के प्रबुद्ध लोगों ने करवाया, जिस स्थान पर स्वामी विवेकानंद जी ठहरे थे उस डे भवन को एक बंगाली समाज के व्यक्ति ने स्मारक बनाने के लिए दान किया. सिंधी समाज के एक व्यक्ति ने सेवा के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की, जिसे लोग आज बढ़ते कदम के नाम से जानते हैं. पंचवटी परिवार और गोयल परिवार ने प्रदेश के सिरपुर और महासमुंद में बड़े धार्मिक और दर्शनीय स्थल का निर्माण करवाया और यह सब कार्य उन महानुभाव ने बिना जाति धर्म पंथ के भेदभाव के लिए सर्वहित के लिए किया. आज के कार्यक्रम में सम्मान के माध्यम से उन लोगों को सामने लाने का प्रयास किया गया, जो वर्तमान में भी धर्म सेवा के बड़े-बड़े कार्य कर रहे हैं.
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