बठिंडा। कैंसर मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। फरवरी से ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) बठिंडा में अत्याधुनिक रेडियोथैरेपी और कैंसर जांच की सुविधाएं शुरू होने जा रही हैं। एम्स को कैंसर की जांच और उपचार के लिए 2 हाई एंड मशीनें मिली हैं, जिनमें हाई एनर्जी लीनियर एक्सेलरेटर विद 3डी इमेजिंग और पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी स्कैन मशीन शामिल हैं।
दोनों हाईटेक मशीनों की लागत ₹60 करोड़ है, जो ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन की ओर से कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत उपलब्ध कराई गई हैं। अब मरीजों को कैंसर इलाज के लिए दिल्ली या चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा।
एम्स बठिंडा के एमएस डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि हाई एनर्जी लीनियर एक्सेलरेटर एक अत्याधुनिक रेडियोथैरेपी मशीन है, जो इलेक्ट्रॉन को लगभग प्रकाश की गति तक पहुंचाकर उच्च ऊर्जा वाले एक्स-रे या इलेक्ट्रॉन बीम तैयार करती है।
हाईटेक मशीनों से कैंसर कोशिकाओं को सटीक तरीके से नष्ट किया जा सकेगा। इससे आसपास के स्वस्थ उतकों को न्यूनतम नुकसान होता है। वहीं, पेट स्कैन एक नॉन-इनवेसिव न्यूक्लियर इमेजिंग तकनीक है, जिसका उपयोग कैंसर की पहचान, उसकी स्टेज तय करने और इलाज के दौरान निगरानी के लिए किया जाता है। ये दोनों अत्याधुनिक सुविधाएं अगले महीने से मरीजों के लिए शुरू कर दी जाएंगी। उम्मीद है कि केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी इन मशीनों का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के शुरू होने से एम्स बठिंडा की स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अनिल कुमार गोयल के मुताबिक निजी अस्पतालों में 3डी इमेजिंग से इलाज की लागत 4 लाख तक होती है, जबकि एम्स बठिंडा में यह सुविधा बहुत कम में उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अत्याधुनिक कैंसर उपचार का लाभ मिलेगा। इन मशीनों के शुरू होने से न केवल बठिंडा, बल्कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कैंसर मरीजों को सुलभ और सस्ता इलाज मिल सकेगा।
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