उदयपुर. Air India Plane Crash: अहमदाबाद में हुए भीषण प्लेन क्रैश ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस दुखद हादसे में उदयपुर के रुंडेड़ा गांव के वरदीचंद मेनारिया सहित 274 लोगों की जान चली गई। फादर्स डे के दिन जब वरदीचंद का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो उनका बेटा फूट-फूटकर रो पड़ा। परिवार और गांव में मातम छा गया, और नम आंखों से सभी ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

रविवार तड़के वरदीचंद की पार्थिव देह उनके गांव रुंडेड़ा पहुंची, जहां हिंदू रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके बेटों विविश और दीपक ने नम आंखों से पिता को अंतिम विदाई दी। पत्नी और बच्चे बिलख-बिलख कर रो रहे थे, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। अंतिम यात्रा में वल्लभनगर की पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत, मावली के पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी, वल्लभनगर एसडीएम सुरेंद्र बी पाटीदार, उपखंड प्रशासन के अधिकारी और सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने वरदीचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मृतकों में विमान यात्री, मेडिकल कॉलेज के छात्र और स्थानीय निवासी शामिल थे। राजस्थान के 14 लोगों ने इस हादसे में जान गंवाई, जिनमें वरदीचंद भी थे। मृतकों के शवों की पहचान के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंपा जा रहा है।
वरदीचंद मेनारिया पिछले डेढ़ दशक से लंदन में रहकर कुक का काम करते थे। इस बार भारत आने पर उनकी पत्नी और बच्चे उन्हें अहमदाबाद एयरपोर्ट तक छोड़ने गए थे। विमान में बैठने के बाद वरदीचंद ने परिवार को एक सेल्फी भेजी थी, जो उनकी आखिरी याद बन गई। परिवार के एयरपोर्ट से लौटते ही हादसे की खबर मिली, जिसके बाद वे तुरंत अहमदाबाद वापस पहुंचे। उनके बच्चे, जो पिता पर गर्व करते थे, अब उनके जाने के गम में डूबे हैं।
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