महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत चार अन्य लोगों की मौत के बाद, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बारामती एयरफील्ड का इंस्पेक्शन शुरू कर दिया है। वहीं, सरकार ने अनियंत्रित हवाई पट्टियों पर ऑपरेशन के लिए प्रोटोकॉल का लागू करने के विचार से किया गया है। जिसका मॉनिटरिंग सिस्टम भी बनाया जाएगा जिसे डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और संबंधित राज्य मिलकर मैनेज करेंगे।

एयरफील्ड का इस्तेमाल फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के साथ-साथ प्राइवेट चार्टर एयरक्राफ्ट और VIPs भी करते हैं। इनमें फुल टाइम एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, नेविगेशन एड्स नहीं होते हैं और इन्हें ज्यादातर FTOs, प्राइवेट ऑपरेटर और राज्य सरकारें मैनेज करती हैं।

लगभग 400 अनियंत्रित हवाई पट्टियों का इंस्पेक्शन इन हवाई पट्टियों पर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों के साथ-साथ आग बुझाने जैसी इमरजेंसी सेवाओं का पता लगाएगा। 2013 से एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो द्वारा जांच की गई अनियंत्रित एयरफील्ड पर या उसके आस-पास हुई नौ दुर्घटनाओं को ट्रैक किया गया था।

विमान हादसे में 5 लोगों की हुई थी मौत

28 जनवरी को अजित पवार के साथ चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद एयरफील्ड का इंस्पेक्शन शुरू हो गया है। दिल्ली स्थित कंपनी VSR वेंचर्स द्वारा संचालित एक Learjet 45 में सुबह लगभग 8 बजे मुंबई से उड़ान भरी थी। उन्हें स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपने गृहनगर बारामती में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करना था। बारामती एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश करते समय विमान सुबह लगभग 8:45 बजे क्रैश हो गया।

28 जनवरी को, अजित पवार ने के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और अटेंडेंट और दो कॉकपिट क्रू, पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शंभवी पाठक भी विमान में सवार थे जिनकी दुर्घटना में मौत हो गई।

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